उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने विधानसभा में ₹9 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश किया है। बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह दिन राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह यूपी का सबसे बड़ा बजट है। उन्होंने बताया कि यह सरकार का दसवां बजट है और पिछले नौ वर्षों में राज्य में विकास के कई कदम उठाए गए, जिनके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट यूपी के 9 साल के नवनिर्माण की गाथा को दर्शाता है।
योगी ने यह भी कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया और बिना अतिरिक्त कर बढ़ाए विकास के नए स्तर हासिल किए गए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और अब यूपी देश की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह बजट किसान, युवा और महिलाओं के लिए है।
सीएम ने कहा कि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। पिछले नौ सालों में लोगों की सोच बदल रही है और युवा रोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सरकार एमएसएमई, कौशल विकास और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दे रही है। निवेशकों को सुविधा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम और “इज ऑफ डूइंग बिजनेस” को बेहतर किया गया है। उन्होंने कहा कि यूपी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मामले में भी बेहतर हुआ है।
सीएम योगी ने बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए ट्यूबवेलों को मुफ्त बिजली, कुसुम योजना का लाभ, और गन्ना के साथ सहफसली खेती (दलहनी-तिलहनी) को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा नोएडा एयरपोर्ट का विकास, एआई मिशन, डेटा सेंटर क्लस्टर और स्टेट डेटा अथॉरिटी की स्थापना की घोषणा भी बजट में शामिल है। सरकार ने कहा कि इससे सरकारी कामकाज में डेटा का उपयोग और योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी।
महिला सुरक्षा के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। महिला सुरक्षा बल का हिस्सा 13% से बढ़ाकर 36% किया गया है। महिलाओं को क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए ब्याजमुक्त ऋण देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही, युवाओं के लिए 18 कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने का प्रावधान किया गया है।
बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, और उद्योग के क्षेत्र में भी बड़े प्रावधान किए गए हैं। सीएम ने बताया कि प्रदेश में अब पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर लोगों की संख्या बढ़ी है, इसलिए 50 हजार नए होमस्टे विकसित करने की योजना है। स्वास्थ्य क्षेत्र में पीएम आयुष्मान योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ से अधिक गोल्डन कार्ड दिए जा चुके हैं।
महिला विवाह अनुदान बढ़ाया गया
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सभी वर्ग की लड़कियों के लिए विवाह अनुदान ₹51,000 से बढ़ाकर ₹1.01 लाख कर दिया गया है। इसके लिए ₹750 करोड़ का प्रावधान बजट में रखा गया है।