पाकिस्तान में मैनहोल के ढक्कन चोरी होने की समस्या अब गम्भीर सार्वजनिक सुरक्षा संकट बन चुकी है। ढक्कन चोरी की वजह से कई स्थानों पर खुले नाले बन गए हैं, जिनमें लोग गिरकर घायल हुए हैं और कुछ मामलों में मौतें भी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या खासकर पंजाब प्रांत में इतनी व्यापक हो गई है कि इसे रोकने के लिए सरकार को कानून तक बदलना पड़ा है।
‘गटर कानून’ -सख्त सजा का ऐतिहासिक कदम
पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ ने इस समस्या से निपटने के लिए एक सख्त नया कानून प्रस्तावित किया है, जिसे अनौपचारिक रूप से “गटर कानून” कहा जा रहा है। इसमें मैनहोल ढक्कन चोरी, बेचना या खरीदने पर 1 से 10 वर्ष तक की सज़ा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कानून का मकसद न सिर्फ चोरों को रोकना है बल्कि कबाड़ व्यापारियों और खरीदारों को भी जवाबदेह बनाना है।
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का वायरल संदेश
मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने जनता को सीधी चेतावनी दी कि “हम सुबह ढक्कन लगाते हैं, शाम तक वह गायब हो जाता है — गटर के ढक्कन चोरी मत करो।” उन्होंने कहा कि चोरी रोकने के लिए अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को जेल तक हो सकती है।
हादसे, कारण और आर्थिक पृष्ठभूमि
सरकार का यह कड़ा कदम उन दुखद घटनाओं के बाद आया है, जब लेहोर के डाटा दरबार इलाके में एक महिला और उसकी नवजात बेटी खुले मनहोल में गिरकर मारे गए थे। चोरी के इन मामलों के पीछे पाकिस्तान की खराब आर्थिक स्थिति और मैनहोल ढक्कनों के लोहे को कबाड़ के रूप में बेच देने की प्रवृत्ति मुख्य कारण मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे आर्थिक संकट गहरा रहा है, चोरी की प्रवृत्ति भी बढ़ी है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ है।