संभल हिंसा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी समेत 22 पुलिसकर्मियों को राहत दी है। हाईकोर्ट ने संभल की सीजेएम कोर्ट के उस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसमें इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा गया था।
यह आदेश जस्टिस समित गोपाल की बेंच ने पूर्व सीओ अनुज चौधरी और तत्कालीन थानेदार अनुज तोमर की याचिका पर दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी। तब तक सीजेएम कोर्ट का आदेश लागू नहीं रहेगा।
क्या है मामला?
यह मामला 24 नवंबर 2024 को संभल में हुई हिंसा से जुड़ा है। उस दिन जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हालात बिगड़ गए थे। पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए गोली चलाई थी।
यामीन नाम के व्यक्ति का आरोप है कि उनका बेटा आलम उस समय ठेली लेकर जा रहा था, तभी पुलिस की गोली लगने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद यामीन ने संभल की सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
सीजेएम कोर्ट का आदेश
सीजेएम कोर्ट ने यामीन की याचिका पर तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी समेत 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट का फैसला
सीजेएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ अनुज चौधरी और पूर्व थानेदार अनुज तोमर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दी। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने पक्ष रखा।