सीतापुर में गरजे CM योगी : बांग्लादेश में हिंदुओं, खासकर दलित हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर जताई चिंता

Authored By: News Corridors Desk | 10 Feb 2026, 01:16 PM
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को सीतापुर स्थित तपोधाम सतगुरु गिरधारी नाथ जी महाराज आश्रम पहुंचे, जहां मूर्ति स्थापना दिवस और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म को भारत की आत्मा और राष्ट्र की मूल शक्ति बताया। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार विदेशी आक्रांताओं ने भारत की समृद्ध अर्थव्यवस्था और आश्रम आधारित सामाजिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को दोबारा हासिल किया है और आज देश एक उभरती हुई महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की अपील की।

सीएम योगी ने कहा कि जहां दुनिया की कई प्राचीन सभ्यताएं समय के साथ समाप्त हो गईं, वहीं सनातन संस्कृति आज भी मजबूती से खड़ी है। भारत ने सदैव ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को अपनाया और शरण मांगने वालों को आश्रय दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इसी उदारता का दुरुपयोग किया और देश को लूटने का कार्य किया। मुगल और अंग्रेजी शासन के दौरान भारत के हस्तशिल्प, किसान और पारंपरिक उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए। योगी आदित्यनाथ के अनुसार, आज़ादी के समय भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी घटकर लगभग 2 प्रतिशत रह गई थी, जिसे अब फिर से मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने भारतीय संस्कृति का उदाहरण देते हुए कहा कि नागपंचमी पर विषैले सांप को भी दूध पिलाया जाता है, जो हमारी समदृष्टि का प्रतीक है। लेकिन कुछ लोगों ने इस विश्वास को तोड़ते हुए देशहित के खिलाफ काम किया।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा

मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं, खासकर दलित हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चिंता जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पीड़ित हिंदू होते हैं, तब मानवाधिकार संगठनों और बड़े नेताओं की आवाज क्यों नहीं उठती। उन्होंने कहा कि इस विषय पर केवल कुछ हिंदू संगठन और संत ही मुखर हैं। योगी ने चेतावनी दी कि यदि सनातन कमजोर पड़ा तो देश की एकता और अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने ‘एक रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे’ का संदेश दिया। उन्होंने समदृष्टि की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में पहला ग्रास गाय को और अंतिम ग्रास कुत्ते को दिया जाता है, यही सच्चा संतुलन है। उन्होंने समाज को जातिवाद और क्षेत्रवाद से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि भारत की ओर शत्रुओं की नजर है, और यदि समाज बंटा तो नुकसान तय है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि भारत तेज़ी से एक वैश्विक शक्ति बनने की ओर बढ़ रहा है, और इस यात्रा की बुनियाद सनातन धर्म ही है।