बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर अपने लंबे समय से चले आ रहे चेक बाउंस मामले को लेकर सुर्खियों में आ गये हैं। अदालत के आदेश के बाद अभिनेता ने 5 फरवरी 2026 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने उन्हें बकाया राशि की व्यवस्था करने का अंतिम अवसर दिया था, लेकिन तय समयसीमा में धन जुटाने में असफल रहने के कारण उनकी अंतिम याचिका खारिज कर दी गई।
इसके बाद अदालत के निर्देशानुसार राजपाल यादव ने जेल प्रशासन के समक्ष सरेंडर किया। बताया जा रहा है कि जेल में आत्मसमर्पण से पहले अभिनेता काफी ज्यादा भावुक नजर आए और साथ ही उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की।
सरेंडर से पहले भावुक हुए अभिनेता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिहाड़ जेल में सरेंडर से पहले राजपाल यादव ने अधिकारियों के सामने अपनी मजबूरी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस मामले ने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया है और फिलहाल उनके पास कोई ठोस विकल्प नहीं बचा है। उनका कहना था कि उन्हें अपनी समस्याओं से खुद ही जूझना पड़ रहा है और हालात उनके नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पिछले करीब 16 वर्षों से चल रहा है। साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी निर्देशन में बनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी, जिसके चलते अभिनेता को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और वे कर्ज चुकाने में असमर्थ रहे।
कर्ज की भरपाई के लिए राजपाल यादव और उनकी पत्नी की ओर से जारी किए गए चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद उनके खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत मामला दर्ज किया गया। अप्रैल 2018 में निचली अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को छह महीने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ दोनों ने हाई कोर्ट में अपील की, जहां सजा पर अस्थायी रोक लग गई।
हालांकि, सेटलमेंट न हो पाने के कारण बाद में यह राहत हटा ली गई। इस दौरान ब्याज और जुर्माने को मिलाकर कुल देनदारी बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। अभिनेता ने बीच-बीच में करीब 75 लाख रुपये का आंशिक भुगतान जरूर किया, लेकिन पूरी राशि चुकाने में वे असफल रहे।
4 फरवरी को खारिज हुई अंतिम याचिका
राजपाल यादव ने अदालत से फंड जुटाने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन 4 फरवरी 2026 को कोर्ट ने उनकी अंतिम याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल प्रसिद्ध व्यक्ति होने के आधार पर बार-बार राहत नहीं दी जा सकती। इसके बाद 5 फरवरी को अभिनेता ने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया।