राहुल ने खुद पर लगा दिया ‘पप्पू’ का ठप्पा!, कांग्रेस छोड़ने के बाद नवजोत कौर सिद्धू का राहुल गांधी पर तीखा हमला

Authored By: News Corridors Desk | 07 Feb 2026, 01:52 PM
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कांग्रेस से इस्तीफा और 500 करोड़ वाले बयान से शुरू हुआ विवाद

कांग्रेस नेता रहीं नवजोत कौर सिद्धू ने पिछले हफ्ते पार्टी छोड़ने का ऐलान कर पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी थी। इससे पहले उन्होंने पिछले महीने एक बयान देकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि “मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये देने पड़ते हैं।” इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व ने गंभीर अनुशासनहीनता माना और उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद नवजोत कौर सिद्धू और कांग्रेस के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया।

सोशल मीडिया पर राहुल गांधी पर तीखा हमला

अब इस पूरे मामले में नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी नाराज़गी खुलकर जाहिर की है। अपने पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए लिखा कि “पप्पू ने आखिरकार अपने नाम पर मुहर लगा ही दी।” उन्होंने राहुल गांधी को ऐसा नेता बताया जो खुद को अकेला ईमानदार और जानकार समझता है, लेकिन ज़मीनी हकीकत से पूरी तरह कटा हुआ है। उनके मुताबिक राहुल गांधी के आसपास का अंदरूनी सर्कल उन्हें जनता और वास्तविक समस्याओं से दूर रखता है।

टिकट बिकने और फैसलों में देरी का आरोप

नवजोत कौर सिद्धू ने अपने पोस्ट में कांग्रेस के आंतरिक तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी के आसपास मौजूद लोग टिकट बेचकर ऐश कर रहे हैं और किसी भी अहम फैसले को लेने में महीनों लगा दिए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि किसी इमरजेंसी कॉल पर प्रतिक्रिया देने में छह महीने से ज्यादा का वक्त लग जाता है, और तब तक पार्टी को नुकसान हो चुका होता है। उनके मुताबिक पार्टी में ईमानदारी की कमी सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है।

समर्थकों पर सवाल और खुली चुनौती

अपने बयान में नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि लोगों को अपने साथ जोड़ने से पहले उन्हें यह पूछना चाहिए कि क्या वे ईमानदारी से पंजाब के लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के ज़्यादातर समर्थक निस्वार्थ सेवा के बजाय अपनी जेबें भरने में लगे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि वे दोबारा सत्ता में नहीं आने वाले। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हिम्मत है तो अपने लोगों से मौजूदा सरकार के खिलाफ बोलने को कहें और अपनी फाइलें खुलवाने के लिए तैयार रहें। पोस्ट के अंत में उन्होंने “एक अच्छे दोस्त” की सलाह देते हुए राहुल गांधी को ज्यादा ध्यान देने वाला, समझदार, ग्रहणशील और प्रैक्टिकल बनने की नसीहत दी।