मुम्बई में नगर निगम में चुनाव प्रचार ख़त्म हो गया अब वोट करने के लिए मुम्बई वासी तैयार हैं पर इस चुनाव में बीजेपी की फायर ब्राण्ड प्रचारक कंगना राणावत मुम्बई में प्रचार करते हुए कहीं नहीं दिखाई दी ।जब की बिहार से मैथिली ठाकुर , अभिनेत्री रवीना टंडन ,फ़िल्म स्टार गोविन्दा के वीडियो आप देख सकते हैं सोशल मीडिया पर आज की तारीख में कहाँ ये जा रहा है कि कंगना रनौत अपनी आने वाली फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' (Bharat Bhhagya Viddhaata) की शूटिंग में व्यस्त हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर फिल्म के सेट से वीडियो साझा कर अपने अभिनय क्षेत्र में वापसी की पुष्टि की है
लेकिन न्यूज कोरियोडोर के बीजेपी सूत्रों के मुताबिक़ एक रणनीति के तहत कंगना को मुम्बई नगर निगम प्रचार से दूर रखा गया ।कंगना रनौत और शिवसेना के बीच विवाद भारतीय राजनीति और बॉलीवुड के सबसे चर्चित टकरावों में से एक रहा है। यह विवाद 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद शुरू हुआ और धीरे-धीरे एक बड़ी राजनीतिक जंग में बदल गया।लोग इस बात अब भी भूल नहीं पाए होंगे जब कंगना ने मुंबई की तुलना PoK से कर दी जिसे विवाद की शुरुआत माना जाता है । कंगना ने एक ट्वीट में मुंबई पुलिस की आलोचना की थी और कहा था कि उन्हें मुंबई में सुरक्षित महसूस नहीं होता। उन्होंने मुंबई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से कर दी थी। इस बयान पर शिवसेना नेता संजय राउत और अन्य नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी और उन्हें मुंबई न आने की चेतावनी दी।विवाद तब और बढ़ गया जब संजय राउत ने कंगना के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
इसके जवाब में कंगना ने चुनौती दी थी कि वह 9 सितंबर (2020) को मुंबई आएंगी और "किसी के बाप में दम है तो रोक ले।जब कंगना मुंबई पहुंचीं, उसी दिन बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC), जिस पर उस समय शिवसेना का नियंत्रण था, ने उनके पाली हिल स्थित दफ्तर (मणिकर्णिका फिल्म्स) के एक हिस्से को 'अवैध निर्माण' बताकर ढहा दिया। कंगना ने इसे बदले की कार्रवाई बताया और बॉम्बे हाई कोर्ट ने बाद में इस तोड़फोड़ को गलत ठहराया था।कंगना ने कहा आज मेरा घर टूटा है, कल तेरा घमंड टूटेगा"दफ्तर टूटने के बाद कंगना ने एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सीधे संबोधित करते हुए कहा, "उद्धव ठाकरे, तुझे क्या लगता है कि तूने फिल्म माफिया के साथ मिलकर मेरा घर तोड़कर मुझसे बहुत बड़ा बदला लिया है? आज मेरा घर टूटा है, कल तेरा घमंड टूटेगा।" यह बयान सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुआ था।
इस विवाद के दौरान कंगना और उनकी बहन रंगोली चंदेल पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने के आरोप में राजद्रोह (Sedition) की एफआईआर भी दर्ज की गई थी। दूसरी ओर, शिवसेना के समर्थकों ने उनके खिलाफ कई जगहों पर प्रदर्शन किए।इस पूरे विवाद में बीजेपी ने परोक्ष रूप से कंगना का समर्थन किया, जबकि शिवसेना ने इसे "महाराष्ट्र और मुंबई का अपमान" करार दिया। इसी विवाद के बाद केंद्र सरकार ने कंगना को Y-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी।
यह विवाद केवल व्यक्तिगत नहीं रहा, बल्कि यह 'बाहरी बनाम स्थानीय' और 'राष्ट्रवाद बनाम क्षेत्रीय अस्मिता' की लड़ाई बन गया। 2022 में जब उद्धव ठाकरे की सरकार गिरी, तब कंगना ने फिर से सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे अपने अपमान का नतीजा बताया था। बीजेपी को लगता था कि अपनी बेबाक़ बातों और छवि के लिए मशहूर कंगना को मुम्बई से दूर रखना ही बेहतर होगा क्यों कि पिछला विवाद भीतरी बनाम बाहरी की आग अब भी महाराष्ट्र में सुलग रही है कहीं वो भड़क ना जाए ।