बंगाल में SIR: पीड़ित परिवारों के साथ CEC से मिलने चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंचीं ममता बनर्जी

Authored By: News Corridors Desk | 02 Feb 2026, 06:37 PM
news-banner

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव आयोग पहुंचीं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने के लिए दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंच गई हैं। उनके साथ 13 प्रभावित परिवारों के सदस्य भी मौजूद हैं, जिनके नाम कथित रूप से मतदाता सूची (Voter List) से हटाए गए हैं या जिनकी मौत SIR नोटिस मिलने के बाद हुई। ममता बनर्जी का कहना है कि वह इन सभी परिवारों को न्याय दिलाने के लिए चुनाव आयोग के समक्ष अपनी गंभीर चिंताएं व्यक्त करने आई हैं।

प्रभावित परिवारों का प्रतिनिधित्व

प्रतिनिधिमंडल में ममता बनर्जी के साथ उनके बेटे और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी भी मौजूद हैं। इस समूह में पांच ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिन्हें मृत घोषित कर वोटर लिस्ट से नाम हटा दिया गया था। इसके अलावा तीन परिवारों के सदस्य ऐसे भी हैं, जिनके BLO (Booth Level Officer) पर काम का अत्यधिक दबाव पड़ने के कारण उनकी जान चली गई। इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग को SIR प्रक्रिया से प्रभावित लोगों की शिकायतें पहुंचाना और न्याय की मांग करना है।

TMC का आरोप: SIR प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण

टीएमसी का कहना है कि पश्चिम बंगाल में चल रही SIR (Special Identification/Verification) प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण, मनमानी और राजनीतिक रूप से प्रेरित है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण मतदाताओं के अधिकार छीने जा रहे हैं। ममता बनर्जी और उनके प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि SIR नोटिस और मतदान सूची से नाम हटाने के मामलों ने कई परिवारों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित किया है।

चुनाव आयोग और सुरक्षा प्रबंध

चुनाव आयोग के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। इस कार्रवाई का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है और प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ममता बनर्जी का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा करना है।