Conflict within BJP in Mahoba : विधायक ने रोका जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला

Authored By: News Corridors Desk | 31 Jan 2026, 01:22 PM
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महोबा में सियासी हलचल की शुरुआत

30 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब योगी सरकार के जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला भाजपा के ही चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने बीच सड़क पर रोक दिया। मंत्री एक सरकारी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी विधायक अपने समर्थकों और बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों के साथ सामने आ गए। सत्ता पक्ष के भीतर इस तरह का सार्वजनिक विरोध असामान्य माना जाता है, इसलिए यह घटना तुरंत राज्य की राजनीति और मीडिया चर्चा के केंद्र में आ गई।

जल जीवन मिशन बना टकराव का कारण

इस विरोध की मुख्य वजह जल जीवन मिशन (हर घर नल से जल योजना) से जुड़ी शिकायतें रहीं। विधायक और ग्राम प्रधानों का आरोप था कि पाइपलाइन बिछाने के लिए ग्रामीण इलाकों में सड़कों की खुदाई कर दी गई, लेकिन बाद में न तो सड़कों की मरम्मत की गई और न ही कई गांवों में नियमित जलापूर्ति शुरू हो सकी। खराब सड़कों और अधूरे कार्यों से आम जनता परेशान है, लेकिन स्थानीय प्रशासन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा — इसी नाराज़गी ने इस टकराव को जन्म दिया।

सड़क पर बहस और प्रशासनिक हस्तक्षेप

घटना के दौरान मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विधायक बृजभूषण राजपूत के बीच सड़क पर तीखी बहस हुई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, हालांकि बाद में प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। इसके बाद दोनों नेता जिला प्रशासन के साथ बैठक के लिए पहुंचे, जहां जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यों, सड़क मरम्मत और स्थानीय शिकायतों की समीक्षा की गई।

राजनीतिक संदेश और आगे के मायने

इस घटनाक्रम के राजनीतिक मायने भी गहरे हैं। एक ओर यह सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है, वहीं दूसरी ओर यह दिखाता है कि सत्ता पक्ष के भीतर भी स्थानीय स्तर पर असंतोष मौजूद है। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा के अंदरूनी टकराव के रूप में पेश किया। वहीं स्वतंत्र देव सिंह के लिए यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही और राजनीतिक संतुलन — दोनों की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि वे सरकार के वरिष्ठ मंत्री होने के साथ-साथ संगठन के भी एक अहम चेहरा माने जाते हैं।