मुंबईः मुंबई के महापौर पद को लेकर जारी राजनीतिक रस्साकशी के बीच शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल द्वारा भाजपा और शिवसेना के नवनिर्वाचित पार्षदों के फोन की निगरानी की जा रही है। राउत का कहना है कि भाजपा अपने ही पार्षदों पर नजर रखे हुए है और उनके फोन कथित तौर पर टैप किए जा रहे हैं।संजय राउत ने यह भी आरोप लगाया कि मुंबई के महापौर को लेकर फैसला महाराष्ट्र में नहीं, बल्कि दिल्ली से किया जा रहा है, जो राज्य और मुंबई का अपमान है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर तीखा हमला बोला।
बीजेपी-शिंदे सेना को मिला है बहुमत
मुंबई के महापौर पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने और सत्तारूढ़ शिवसेना के रुख पर असमंजस बने रहने के बीच संजय राउत ने मंगलवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की। इस मुलाकात को मुंबई की सियासत में अहम माना जा रहा है।गौरतलब है कि हालिया चुनावों में भाजपा–शिवसेना गठबंधन ने देश के सबसे समृद्ध नगर निकाय मानी जाने वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) पर ठाकरे परिवार का करीब तीन दशक पुराना वर्चस्व खत्म कर दिया। बीएमसी चुनावों में भाजपा–शिवसेना गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जिसमें भाजपा को 89 सीटें और शिवसेना (शिंदे गुट) को 29 सीटें मिलीं।
शिंदे ने अपने पार्षदों को होटल में ठहराया
इसके बाद शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपने सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के एक लग्जरी होटल में ठहराया। आधिकारिक तौर पर इसके पीछे नगर निकाय के कामकाज को लेकर एक कार्यशाला आयोजित करने की बात कही गई, हालांकि राजनीतिक हलकों में इसे रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।इस बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे लगातार यह दोहराते रहे हैं कि मुंबई का अगला महापौर महायुति (भाजपा–शिवसेना गठबंधन) से ही होगा। हालांकि, उन्होंने यह संकेत भी दिया कि शिवसेना इस पद पर अपना दावा पेश कर सकती है। शिंदे ने इसे पार्टी संस्थापक बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर उनके प्रति सम्मान और शिवसैनिकों की भावनाओं से जोड़कर प्रस्तुत किया है।
बीजेपी ने संजय राउत के आरोपों को खारिज किया
महाराष्ट्र भाजपा के मीडिया प्रभारी नवनाथ बान ने संजय राउत के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को किसी के फोन टैप करने की कोई आवश्यकता नहीं है। बान ने पलटवार करते हुए सवाल किया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल के दौरान एकनाथ शिंदे और उदय सामंत के फोन आखिर कौन टैप कर रहा था।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को अपने पार्षदों का पूरा समर्थन हासिल है और पार्टी किसी भी तरह की गैरकानूनी या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल नहीं है।