डॉ. रोहिणी घावरी और चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' के बीच के रिश्तों को सारी दुनिया जानती है पर इनके समीकरणों में पिछले कुछ समय में बड़ा बदलाव आया है। रोहिणी घावरी, जो कभी चंद्रशेखर की बेहद करीबी रही और उनके साथ बहुजन आंदोलन में बेहद सक्रिय मानी जाती थीं, अब उनकी धुर विरोधी बन चुकी हैं और बसपा (BSP) सुप्रीमो मायावती के पक्ष में खड़ी नजर आ रही हैं।
इसके पीछे की कहानी कुछ इस तरह से रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर आजाद रावण पर यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी और विश्वासघात के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि वे और चंद्रशेखर काफी समय तक गहरे रिश्ते में थे । चंद्रशेखर ने उनसे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में अपनी बात से मुकर गए। रोहिणी ने यह भी आरोप लगाया कि चंद्रशेखर ने अपनी पहली शादी की बात उनसे छिपाई थी।
रोहिणी ने हाल ही में कुछ ऑडियो क्लिप्स जारी किए हैं, जिनमें उन्होंने दावा किया है कि चंद्रशेखर निजी बातचीत में मायावती और बहुजन आंदोलन के संस्थापकों (जैसे मान्यवर कांशीराम) के खिलाफ विवादित टिप्पणियां करते हैं।
उनका कहना है कि चंद्रशेखर केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए दलित आंदोलन का इस्तेमाल कर रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर बसपा को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं।
रोहिणी का कहना है कि यह उनके आत्मसम्मान की लड़ाई है। यही कारण है कि वह इस मामले को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) में भी लेकर गई और शिकायत दर्ज कराई , जिस पर आयोग ने संज्ञान लिया है।डॉ. रोहिणी घावरी ने जून 2025 में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) में चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने अपनी शिकायत में चंद्रशेखर पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए थे। रोहिणी ने सोशल मीडिया (X) पर इस शिकायत की रसीद (Acknowledgement) भी साझा की थी।शिकायत दर्ज होने के बाद, NCW ने इस मामले का संज्ञान लिया था। सामान्य प्रक्रियाओं के तहत आयोग ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी और मामले की प्राथमिक जांच शुरू की थी। सितंबर 2025 में दिए गए अपने इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट में रोहिणी घावरी ने NCW और दिल्ली पुलिस पर निराशा जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें इन संस्थानों से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है और मामला राजनीतिक प्रभाव के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा है।कार्रवाई में देरी और न्याय न मिलने का दावा करते हुए रोहिणी ने सितंबर 2024 में आत्महत्या तक की धमकी दी थी और प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी।
चन्द्रशेखर के लोगों का ने आरोप लगाया है कि रोहिणी सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर की छवि खराब करने के लिए भ्रामक वीडियो (जैसे ग्रीन टी को शराब बताना) और अपमानजनक टिप्पणियां साझा कर रही हैं।इसलिए चंद्रशेखर के प्रतिनिधियों ने बिजनौर (यूपी) में रोहिणी के खिलाफ एक FIR दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि रोहिणी सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर की छवि खराब करने के लिए भ्रामक वीडियो (जैसे ग्रीन टी को शराब बताना) और अपमानजनक टिप्पणियां साझा कर रही हैं।
मायावती की तरफ कैसे बढ़ रही रोहिणी घावरी :-
मायावती और बसपा के नेताओं ने रोहिणी के इन आरोपों को राजनीतिक मंचों पर उठाया है। बसपा सुप्रीमो ने एक रैली के दौरान बिना नाम लिए चंद्रशेखर पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ 'स्वार्थी और बिकाऊ' लोग दलित वोटों को बांटने का काम कर रहे हैं। इसके बाद बसपा के कुछ नेताओं ने रोहिणी के दावों का समर्थन किया।रोहिणी ने सोशल मीडिया पर मायावती का आभार जताते हुए कहा कि "उनका दर्द बहनजी तक पहुंचा है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि 2027 में बसपा की सरकार आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा। दूसरी ओर, चंद्रशेखर ने रोहिणी के इन आरोपों को निराधार बताया है कहा कि वे अदालत में ही इसका जवाब देंगे। रोहिणी घावरी का मायावती के करीब जाना उनके व्यक्तिगत अनुभवों और चंद्रशेखर के साथ उनके बिगड़े रिश्तों का परिणाम है। वह अब खुद को एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पेश कर रही हैं जो चंद्रशेखर की 'असली पहचान' उजागर करने और बसपा के नेतृत्व वाले आंदोलन को मजबूत करने का दावा करती हैं।
चन्द्रशेखर से विवाद होने के बाद डॉ. रोहिणी घावरी ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की तरफ अपने कदम तेजी बढ़ा रही है ..यही कारण है कि राष्ट्रीय उत्तराधिकारी आकाश आनंद को उनकी पार्टी में वापसी और राजनीतिक सक्रियता को लेकर उन्होनें आकाश को बधाई दी ।इसके बाद बहन मायावती के बुआ बनने के बाद पुन रोहिणी धावरी ने मायावती और पूरे परिवार को बधाई दी । यह कदम उनके चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' के साथ चल रहे विवाद और मायावती के प्रति उनके बढ़ते झुकाव का हिस्सा माना जा रहा है। रोहिणी घावरी द्वारा मायावती की तारीफ करना ,आकाश आनंद को बधाई देना उनके चंद्रशेखर से मोहभंग और मायावती की बसपा के प्रति उनकी नई राजनीतिक वफादारी को दर्शाता है। आने वाले दिनों यह भी हो सकता है कि वो बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर उनकी सदस्यता ले और पार्टी का प्रचार भी करे ।