‘ब्लू बुक’— बीएसपी की बाइबल, बहुजन आंदोलन का जीवित दस्तावेज

Authored By: News Corridors Desk | 15 Jan 2026, 01:53 PM
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बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती की पुस्तक “मेरे संघर्षमय जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा”, जिसे आमतौर पर ब्लू बुक कहा जाता है, बसपा की राजनीति को समझने की सबसे महत्वपूर्ण किताब मानी जाती है।

इस पुस्तक का पहला संस्करण 15 जनवरी 2006 को मायावती के 50वें जन्मदिन के मौके पर जारी किया गया था। इसी दिन से मायावती ने हर साल अपने जन्मदिन पर ब्लू बुक का नया भाग या अपडेटेड संस्करण जारी करने की परंपरा शुरू की।

हर साल नया संस्करण
शुरुआत में यह किताब हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में एक साथ प्रकाशित की गई थी। इसका मकसद बहुजन आंदोलन के इतिहास और बसपा की सोच को आम लोगों तक पहुंचाना था। तब से लेकर 15 जनवरी 2026 तक हर साल इस किताब का नया भाग जारी होता रहा है। 2026 में ब्लू बुक का 21वां संस्करण जारी किया गया है।

क्यों खास है ब्लू बुक
ब्लू बुक में
-मायावती के जीवन का सफर,
-उनके संघर्ष,
-और बसपा के राजनीतिक आंदोलन की जानकारी दी गई है।

इसमें बसपा द्वारा किए गए कामों, आंदोलनों और चुनावों का भी जिक्र होता है। साथ ही पार्टी की आगे की रणनीति और विचारधारा को भी समझाया जाता है। इसी वजह से बसपा कार्यकर्ता इस किताब को ‘बाइबल’ या ‘पवित्र ग्रंथ’ की तरह मानते हैं।

सरकारों पर मायावती की राय
इस किताब में मायावती केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों पर अपनी राय और आलोचना भी रखती हैं। इसके अलावा इसमें कांशीराम के साथ उनके अनुभव और दलित आंदोलन का इतिहास भी बताया गया है।

देश-विदेश में पढ़ी जाने वाली किताब
ब्लू बुक किताब (A Travelogue of my Struggle-ridden Life and BSP Movement) हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रकाशित होती है, ताकि देश और विदेश के लोग भी बसपा के आंदोलन को समझ सकें। बसपा कार्यकर्ताओं के बीच इस किताब की काफी मांग रहती है। ब्लू बुक सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि बसपा की सोच, संघर्ष और दिशा को समझने का माध्यम है।