Ram Mandir Ayodhya : इतिहास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका

Authored By: News Corridors Desk | 22 Jan 2026, 04:11 PM
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जब भी अयोध्या और राम जन्मभूमि की बात होती है, तो इतिहास में एक नाम प्रमुखता से दर्ज होता है—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। वे भारत के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए राम जन्मभूमि के दर्शन किए और अब तक 7 से अधिक बार अयोध्या की यात्रा कर चुके हैं।

नरेंद्र मोदी की पहली अयोध्या यात्रा: 1992

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार जनवरी 1992 में अयोध्या पहुंचे थे। उस समय वे भारतीय जनता पार्टी की ‘एकता यात्रा’ के संयोजक थे।
18 जनवरी 1992 को वे डॉ. मुरली मनोहर जोशी के साथ अयोध्या आए और टेंट में विराजमान रामलला के दर्शन किए। उस क्षण वे अत्यंत भावुक हो गए और वहीं उन्होंने संकल्प लिया कि राम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद ही वे अयोध्या लौटेंगे।

अन्य प्रधानमंत्रियों और अयोध्या का इतिहास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले, अधिकांश प्रधानमंत्रियों ने अयोध्या और विशेष रूप से राम जन्मभूमि स्थल से दूरी बनाए रखी। इसका प्रमुख कारण उस समय चल रहा कानूनी विवाद और राजनीतिक संवेदनशीलता रहा।

विभिन्न प्रधानमंत्रियों की अयोध्या यात्राएं
इंदिरा गांधी (1966–1977, 1980–1984)

इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए अयोध्या का दौरा किया था।

हनुमानगढ़ी में दर्शन

सरयू नदी तट पर नया घाट का उद्घाटन
हालांकि, वे राम जन्मभूमि स्थल नहीं गईं।

राजीव गांधी (1984–1989)

राजीव गांधी ने 1989 में फैजाबाद (अयोध्या) से चुनावी अभियान की शुरुआत की थी।

अयोध्या से ‘राम राज्य’ का वादा

उनके कार्यकाल में विवादित स्थल के ताले खुले और शिलान्यास की अनुमति दी गई

लेकिन वे स्वयं राम जन्मभूमि परिसर के भीतर नहीं गए

अटल बिहारी वाजपेयी (1996, 1998–2004)

राम मंदिर आंदोलन से गहरा जुड़ाव होने के बावजूद, प्रधानमंत्री रहते हुए अटल बिहारी वाजपेयी ने राम जन्मभूमि का दौरा नहीं किया।

अयोध्या के आसपास रैलियां कीं

NDA गठबंधन सहयोगियों की संवेदनशीलता के कारण विवादित स्थल से दूरी बनाए रखी

अन्य प्रधानमंत्री

जवाहरलाल नेहरू ने 1949 की घटना पर चिंता जताई, लेकिन दर्शन नहीं किए

लाल बहादुर शास्त्री, मोरारजी देसाई, वी.पी. सिंह: अयोध्या की किसी आधिकारिक धार्मिक यात्रा का उल्लेख नहीं

मनमोहन सिंह: 10 वर्षों के कार्यकाल में अयोध्या नहीं गए

नरेंद्र मोदी: पहले प्रधानमंत्री जिन्होंने राम जन्मभूमि के दर्शन किए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने न केवल राम जन्मभूमि के दर्शन किए, बल्कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े सभी ऐतिहासिक पड़ावों का नेतृत्व भी किया।

नरेंद्र मोदी के अयोध्या दौरों का पूरा सिलसिला
प्रमुख यात्राएं

1992: एकता यात्रा के दौरान कार्यकर्ता के रूप में पहली यात्रा

2014: लोकसभा चुनाव के दौरान अयोध्या में रैली (दर्शन नहीं)

5 अगस्त 2020: प्रधानमंत्री के रूप में पहली आधिकारिक यात्रा, भूमि पूजन

23 अक्टूबर 2022: दीपोत्सव कार्यक्रम में सहभागिता

30 दिसंबर 2023: अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन

22 जनवरी 2024: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य यजमान

5 मई 2024: लोकसभा चुनाव के दौरान रोड शो और दर्शन

25 नवंबर 2025: राम मंदिर शिखर पर धर्मध्वजा फहराने और सप्त मंदिर परिसर दर्शन

निष्कर्ष-

इतिहास साक्षी है कि नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने अयोध्या को केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और विकास से जोड़ा। उनकी अयोध्या यात्राएं सिर्फ दर्शन तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के हर निर्णायक क्षण का नेतृत्व किया, जो आधुनिक भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बन चुका है।