नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस से दिया इस्तीफा
लंबे समय तक मायावती के दाहिने हाथ माने जाने वाले और वर्तमान में कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनका जाना कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर तब जब पार्टी राज्य में अपने संगठन और जनाधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
इस्तीफे के पीछे संभावित कारण
सूत्रों के अनुसार, सिद्दीकी ने पार्टी में खुद को उपेक्षित महसूस किया। इसके अलावा, कांग्रेस के भीतर चल रहे संगठनात्मक बदलाव और नए समीकरणों में उनकी भूमिका कम होती दिखाई दे रही थी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वे अपने राजनीतिक भविष्य के लिए किस दिशा में कदम बढ़ाएंगे
नसीमुद्दीन सिद्दीकी का राजनीतिक सफर
सिद्दीकी ने अपना राजनीतिक सफर बसपा से शुरू किया, जहां वे मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और पार्टी के बड़े मुस्लिम चेहरों में गिने जाते थे। 2017 के विधानसभा चुनावों के बाद उन्हें "पार्टी विरोधी गतिविधियों" के आरोप में बसपा से निष्कासित कर दिया गया था।
कांग्रेस में शामिल होना और जिम्मेदारियां
2018 में राहुल गांधी की मौजूदगी में सिद्दीकी कांग्रेस में शामिल हुए। उन्हें पार्टी के भीतर अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, लेकिन अब उनका इस्तीफा पार्टी के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उनके जाने से कांग्रेस को राज्य में अपने आधार को बनाए रखने में असर पड़ सकता है।