अपनों को भुलाया, परायों को बुलाया ! ST हसन की बेटी की शादी को हुए दस दिन से ज्यादा का समय बीत चुके है पर मुरादाबाद में राजनैतिक बवाल खड़ा हो गया है ।सुत्रों के मुताबिक़ एच टी हसन ने अपने टिकट कटवाने का आज़म ख़ान से बदला ले लिया ।मुरादाबाद से पूर्व सांसद एच टी हसन ने बेटी की शादी उस अफ़सर को बुला लिया जिससे आज़म ख़ान सबसे ज़्यादा नफ़रत करते है ।वो अफ़सर हैं मुरादाबाद के कमिश्नर अंजनेय कुमार सिंह जिन्होंने ने रामपुर के जिला अधिकारी रहते हुए आज़म के कर्मों की पूरी फ़ाइल बना डाली थी और यही कारण है कि आज़म आज भी जेल के सलाख़ों के पीछे है ।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में शनिवार (3 जनवरी, 2026) की रात एक होटल में मुरादाबाद के पूर्व सांसद और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ एसटी हसन की बेटी तूबा हसन की शादी का कार्यक्रम था. इस कार्यक्रम में जहाँ सपा और कांग्रेस के नेताओं के साथ साथ बीजेपी के भी तीन विधायक और कई बड़े नेता भी शामिल हुए. इतना ही नहीं इस कार्यक्रम में सपा महासचिव और पूर्व मंत्री आजम खान पर कार्रवाई करने वाले मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह भी शामिल हुए ।पूर्व सांसद ने कमिश्नर महोदय को तो बुलाया पर मुरादाबाद की वर्तमान सांसद रूचि वीरा को निमंत्रण भी नहीं दिया ।सांसद रुचि वीरा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें एसटी हसन की बेटी के निकाह का निमंत्रण नहीं मिला।
रुचि वीरा ने टिप्पणी की कि यह एक पारिवारिक कार्यक्रम था और मेजबान की मर्जी है कि वह किसे बुलाए, लेकिन इससे 'मानसिकता' का पता चलता है।आज़म खान की क़रीबी रूची वीरा और एच टी हसन के बीच यह विवाद 2024 के लोकसभा चुनावों के समय से ही चल रहा है, इस मामले पर अखिलेश यादव के कड़े रुख ने इसे नया मोड़ दे दिया है।उस समय माना जा रहा था कि आजम खान के दबाव में अखिलेश यादव ने आखिरी समय पर रुचि वीरा को प्रत्याशी बनाया, जबकि एसटी हसन अपना नामांकन दाखिल कर चुके थे।टिकट कटने के बाद एसटी हसन के समर्थकों ने रुचि वीरा का कड़ा विरोध किया था, जिसके बाद से दोनों गुटों के बीच खींचतान जारी है।अखिलेश यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पार्टी में किसी भी प्रकार की गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने नेताओं को निर्देश दिया है कि वे आपसी मतभेद भुलाकर जनता के मुद्दों पर ध्यान दें। पार्टी विरोधी गतिविधियों या सार्वजनिक बयानबाजी करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।हाल ही में हुए उपचुनावों (जैसे कुंदरकी) के दौरान भी भीतरघात की खबरें आई थीं, जिससे अखिलेश यादव काफी नाराज बताए जा रहे हैं।
वर्तमान में मुरादाबाद सपा दो खेमों में बंटी नजर आती है—एक गुट जो डॉ. एसटी हसन के साथ है और दूसरा जो वर्तमान सांसद रुचि वीरा और आजम खान के खेमे का समर्थक है। अखिलेश यादव का प्रयास है कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इस विवाद को पूरी तरह शांत कर दिया जाए एक और सवाल है जिसके लिए वक्त का इंतजार करना होगा क्यों कि आजम खान बदला लेने के लिए जाने जाते हैं उन्हें ये बात क़तई पसन्द नहीं आएगी की उनके सबसे बड़े दुश्मन को एच टी हसन ने अपने यहां शादी में बुलाया
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