भानवी सिंह के जालसाजी केस में एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह को बड़ी राहत

Authored By: News Corridors Desk | 03 Feb 2026, 05:23 PM
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अक्षय प्रताप सिंह को जालसाजी केस में बड़ी राहत

प्रतापगढ़ से एमएलसी कुंवर अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपालजी को भानवी सिंह द्वारा दर्ज कराए गए जालसाजी मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच के दौरान अक्षय प्रताप सिंह के खिलाफ आरोपों की पुष्टि के लिए कोई ठोस आपराधिक साक्ष्य नहीं मिले। यह मामला फरवरी 2023 में दर्ज हुआ था, जब कुंडा विधायक राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराई थी।

ईओडब्ल्यू जांच में नहीं मिले सबूत

ईओडब्ल्यू ने अपनी विस्तृत जांच के बाद कोर्ट को बताया कि अक्षय प्रताप सिंह पर लगाए गए धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप प्रमाणित नहीं हो सके। पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में जांच एजेंसी ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की सिफारिश की। इस पूरे मामले के दौरान राजा भैया ने सार्वजनिक रूप से अक्षय प्रताप सिंह का समर्थन किया था। क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद इसे अक्षय प्रताप सिंह के लिए एक बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है।

भतीजे शिवराज प्रताप सिंह ने किया खुला समर्थन

इस मामले में राजा भैया और भानवी सिंह के बेटे शिवराज प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपने काका अक्षय प्रताप सिंह का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि काका लगाए गए झूठे आरोपों से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं। शिवराज ने मीडिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपों के समय खबरें तेजी से फैलाई जाती हैं, लेकिन जब सच सामने आता है तो उस पर चर्चा नहीं होती। उन्होंने बताया कि तीन साल की जांच के बाद अक्षय प्रताप सिंह को पूरी तरह निर्दोष पाया गया है।

भानवी सिंह पर अक्षय प्रताप का पलटवार

क्लोजर रिपोर्ट के बाद अक्षय प्रताप सिंह ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी और भानवी सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि तीन साल तक उन्हें एक फर्जी केस के जरिए मानसिक और सामाजिक रूप से परेशान किया गया। इससे पहले अक्षय प्रताप यह भी कह चुके हैं कि भले ही वे और राजा भैया एक मां की संतान नहीं हैं, लेकिन राजा भैया उनके लिए सगे भाई से भी बढ़कर हैं और उनके जीवन में उनकी भूमिका बेहद अहम रही है।