मणिकर्णिका घाट पर मंदिर विवाद: सीएम योगी का बयान
मणिकर्णिका घाट पर मंदिर तोड़े जाने के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सत्यता को खारिज करते हुए कहा कि काशी में पिछले 11 वर्षों में जो विकास और पुनरुद्धार कार्य हुए हैं, उन्हें बाधित करने के लिए राजनीतिक साजिशें रची जा रही हैं। सीएम ने स्पष्ट किया कि काशी का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संरक्षण उनके शासन में सुनिश्चित किया गया है और मंदिरों का पुनरुद्धार हुआ है, न कि उन्हें तोड़ा गया।
मंदिरों का पुनरुद्धार और कांग्रेस पर निशाना
सीएम योगी ने कांग्रेस पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि जब काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण हुआ था, तब भी कांग्रेस ने झूठा प्रचार किया कि मंदिर तोड़े गए। उनका कहना था कि वास्तव में मंदिरों की हालत पहले जीर्णशीण थी, और अब उनका पुनरुद्धार हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि माता अन्नपूर्णा की मूर्ति सौ वर्षों पहले यूरोप पहुंच गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से इसे वापस लाकर काशी विश्वनाथ में स्थापित किया गया। सीएम ने कांग्रेस से सवाल किया कि 1947 से 2014 तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार रही, फिर क्यों यह प्रयास नहीं किया गया।
मायावती का मोर्चा: अहिल्याबाई की मूर्ति विवाद
बसपा अध्यक्ष मायावती ने वाराणसी में अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति हटाए जाने के मामले पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मूर्ति हटाने की खबर से समाज के एक बड़े वर्ग में रोष और आक्रोश है, और सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि लोगों की आस्था और भावनाएं आहत न हों। मायावती ने यह भी कहा कि यह मामला केवल स्थानीय विवाद नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सांस्कृतिक संवेदनाओं से जुड़ा है।
अखिलेश यादव का हमला: भाजपा पर आरोप
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मणिकर्णिका घाट के बहाने भाजपा सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उनका कहना था कि भाजपा शासन में जितने पौराणिक मंदिर तोड़े गए हैं, उतने किसी राजा ने इतिहास में नहीं तोड़े। उन्होंने यह भी कहा कि सपा की लीगल टीम इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएगी ताकि स्पष्ट हो कि राज्य और केंद्रीय निर्वाचन आयोग की सूची सही है या नहीं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा न केवल मंदिरों के विरुद्ध कार्य किया गया, बल्कि नोटबंदी, गंगा सफाई और अन्य सरकारी योजनाओं में भी घोटाले किए गए।
सोशल मीडिया विवाद और प्राथमिकी
मणिकर्णिका घाट पर मंदिर तोड़ने की सोशल मीडिया पोस्ट और टिप्पणियों के कारण आठ लोगों के खिलाफ चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, बिहार के कांग्रेस नेता पप्पू यादव और हरियाणा की कांग्रेस नेता जसविंदर कौर शामिल हैं। इस कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है, और मामला मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर गर्म बना हुआ है।