मणिकर्णिका घाट पर महारानी अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति समेत और भी कई प्राचीन संरचनाओं को नुकसान पहुंचाए जाने के आरोप को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को सपा नेताओं ने इस घटना को काशी की प्राचीन संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत पर सीधा प्रहार बताते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।सपा सांसद राम गोपाल यादव ने आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर लंबे समय से स्थापित महारानी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा सहित और भी कई अन्य मूर्तियों को तोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है।
राम गोपाल यादव ने कहा कि बनारस के मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ की गई है, जहां पहले से महारानी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा और अन्य मूर्तियां स्थापित थीं। उनके अनुसार बनारस की एक विशिष्ट और प्राचीन संस्कृति है उसकी गलियां, मंदिर और परंपराएं लेकिन इन सबको लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं वाराणसी से सांसद हैं, इसके बावजूद काशी की सांस्कृतिक धरोहर को क्षति पहुंच रही है। बनारस की जनता हमेशा से चाहती रही है कि ऐसे बदलाव न हों, जिनसे उसकी सांस्कृतिक पहचान समाप्त हो जाए। आज शहर की ऐतिहासिक पहचान को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है।