ममता बनर्जी की बड़ी घोषणा: सिलीगुड़ी में लगेगी दुनिया की सबसे ऊँची महाकाल प्रतिमा

Authored By: News Corridors Desk | 17 Jan 2026, 02:24 PM
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में एक ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक परियोजना की घोषणा की है। सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा (Matigara) क्षेत्र में ‘महाकाल महातीर्थ’ नाम से एक विशाल मंदिर परिसर का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की आधारशिला मुख्यमंत्री ने 16 जनवरी 2026 को रख दी है। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि इसे पर्यटन और सांस्कृतिक विकास की दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

 विश्व की सबसे ऊँची महाकाल प्रतिमा बनेगी आकर्षण का केंद्र

इस मंदिर परिसर की सबसे बड़ी विशेषता होगी भगवान शिव के महाकाल अवतार की विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा।

इस संरचना की कुल ऊँचाई 216 फीट होगी।

भगवान महाकाल की मुख्य प्रतिमा 108 फीट ऊँची कांस्य (Bronze) की मूर्ति के रूप में स्थापित की जाएगी।

यह मूर्ति 108 फीट ऊँचे पेडेस्टल पर खड़ी होगी, जिससे इसकी भव्यता और दिव्यता और बढ़ जाएगी।
सरकार का दावा है कि यह महाकाल स्वरूप की दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा होगी, जो देश-विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगी।

 17 एकड़ में फैला भव्य मंदिर परिसर

‘महाकाल महातीर्थ’ सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि एक विशाल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परिसर होगा।

यह परियोजना लगभग 17.41 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी।

इसके निर्माण पर करीब 344.2 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जो पश्चिम बंगाल में अब तक की सबसे महंगी मंदिर परियोजना मानी जा रही है।
परिसर की डिजाइन आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक धार्मिक वास्तुकला का अनूठा संगम होगी।

12 ज्योतिर्लिंग, म्यूजियम और कन्वेंशन सेंटर

मंदिर परिसर को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए और भी खास बनाया जाएगा।

यहाँ भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां स्थापित की जाएंगी।

एक महाकाल म्यूजियम बनाया जाएगा, जिसमें भगवान शिव से जुड़ी पौराणिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी मिलेगी।

इसके अलावा एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी होगा, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किए जा सकेंगे।
परियोजना पूरी होने के बाद यहां एक साथ लगभग 1 लाख श्रद्धालुओं के आने की व्यवस्था होगी।

 सिलीगुड़ी को धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की योजना

इस परियोजना के पीछे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का स्पष्ट उद्देश्य है—

सिलीगुड़ी को केवल एक ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाना।
यह महातीर्थ दार्जिलिंग के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक महाकाल मंदिर की आध्यात्मिक विरासत को मैदानों से जोड़ने का काम करेगा। इससे न सिर्फ आस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।