समाजवादी पार्टी की नेता और सांसद डिंपल यादव 46 साल की हो गई हैं। वे न सिर्फ एक राजनीतिक परिवार से जुड़ी हैं, बल्कि अपनी अलग पहचान भी बना चुकी हैं।
अखिलेश से मुलाकात और शादी
डिंपल यादव और अखिलेश यादव की मुलाकात तब हुई थी जब अखिलेश 21 साल के थे और डिंपल सिर्फ 17 साल की थीं। उस समय अखिलेश इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे और डिंपल स्कूल में थीं। दोनों की पहचान दोस्तों के जरिए हुई थी। अखिलेश को डिंपल की सादगी बहुत पसंद आई।
डिंपल एक आर्मी परिवार से आती हैं। वे रिटायर्ड कर्नल एस.सी. रावत की बेटी हैं। शुरुआत में मुलायम सिंह यादव इस रिश्ते को लेकर पूरी तरह तैयार नहीं थे, लेकिन अखिलेश की जिद और परिवार की सहमति के बाद शादी तय हो गई। 24 नवंबर 1999 को लखनऊ में दोनों की शादी हुई। यह शादी काफी भव्य थी, जिसमें देश की कई बड़ी राजनीतिक और फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं।
राजनीति में एंट्री
शादी के बाद डिंपल यादव ने लंबे समय तक परिवार संभाला। बाद में वे राजनीति में उतरीं। उन्होंने 2009 में फिरोजाबाद से पहला चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं।
पहचान बनाने का दौर
2012 में कन्नौज से वे निर्विरोध सांसद बनीं। वे उत्तर प्रदेश की पहली महिला सांसद थीं जो बिना चुनाव लड़े संसद पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने 2014 में भी कन्नौज से जीत दर्ज की।
2019 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी से उन्होंने रिकॉर्ड जीत हासिल की। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने मैनपुरी सीट बरकरार रखी।
काम और छवि
डिंपल यादव महिला सुरक्षा, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर सक्रिय रहती हैं। उनकी पहचान एक शालीन, शांत और गंभीर नेता की है, जिस वजह से वे महिलाओं और युवाओं में लोकप्रिय हैं। डिंपल यादव ने खुद को सिर्फ एक राजनीतिक परिवार की बहू तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अपनी शालीनता, सादगी और स्पष्ट राजनीति से अलग पहचान बनाई है। यही वजह है कि वे आज महिलाओं और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय नेता मानी जाती हैं।