प्रेमानंद महाराज से मिले ‘युधिष्ठिर’ गजेंद्र चौहान
बीआर चोपड़ा के ऐतिहासिक धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर की भूमिका निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता गजेंद्र चौहान हाल ही में संत प्रेमानंद महाराज से मिलने वृंदावन पहुंचे। उन्होंने संत प्रेमानंद के केली कुंज आश्रम में दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात का एक वीडियो भजन मार्ग के इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया गया है, जिसमें गजेंद्र चौहान महाराज के समक्ष स्वयं का परिचय देते नजर आते हैं। इस दौरान माहौल बेहद भावनात्मक और आध्यात्मिक दिखाई दिया।
‘युधिष्ठिर हम सबकी प्रेरणा थे’ – प्रेमानंद महाराज
गजेंद्र चौहान का परिचय सुनते ही संत प्रेमानंद महाराज ने युधिष्ठिर के चरित्र की सराहना की। उन्होंने कहा, “युधिष्ठिर हम सबकी प्रेरणा थे। वे धर्म के अंश से जन्मे थे, इसलिए उनका किरदार निभाना अपने आप में एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी।” इसके बाद गजेंद्र चौहान ने महाभारत का अपना लोकप्रिय संवाद सुनाया, जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे। यह पल टीवी इतिहास और आध्यात्मिक विचारों का सुंदर संगम बन गया।
अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ा दिलचस्प किस्सा
गजेंद्र चौहान ने इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि महाभारत का एक संवाद अटल जी को बेहद पसंद था और वे जब भी उनसे मिलते, वही संवाद सुनने की इच्छा रखते थे। यह संवाद था—
“कोई भी पुत्र, कोई भी पिता, कोई व्यक्ति, कोई भी प्रतिज्ञा, कोई भी परंपरा राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकती।”
उन्होंने भीष्म पितामह का उदाहरण देते हुए कहा कि जब धर्म और श्रीकृष्ण की बात आती है, तब प्रतिज्ञा तोड़ना भी धर्म बन जाता है।
टीवी की दुनिया में गजेंद्र चौहान की पहचान
10 अक्तूबर 1956 को दिल्ली में जन्मे गजेंद्र चौहान ने कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया, लेकिन उन्हें असली लोकप्रियता छोटे पर्दे से ही मिली। भले ही फिल्मों में वे मुख्य अभिनेता के रूप में ज्यादा पहचान न बना पाए हों, लेकिन बीआर चोपड़ा के सुपरहिट धारावाहिक महाभारत ने उन्हें अमर कर दिया। युधिष्ठिर के रूप में उनकी सादगी और गंभीर अभिनय आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित है।