महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रतीक तानकिया को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई महादेव ऑनलाइन बुक (Mahadev Online Book) सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई। ED का आरोप है कि तानकिया ने ऐप के प्रमोटरों, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल, के साथ मिलकर अवैध तरीके से कमाए गए पैसों को व्हाइट करने और ठिकाने लगाने में मदद की। जांच एजेंसियों का कहना है कि तानकिया सट्टेबाजी से हुई काली कमाई को शेल कंपनियों और जटिल लेयर्स के जरिए वैध बनाने वाले नेटवर्क का हिस्सा था।
अंतरराष्ट्रीय पैसों का इस्तेमाल और डिजिटल साक्ष्य
जांच में ED ने पाया कि महादेव ऐप सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका नेटवर्क दुबई और अन्य देशों तक फैला हुआ है। गिरफ्तारी के समय छापेमारी में डिजिटल डेटा और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड भी हाथ लगे। ED तानकिया से पूछताछ कर रहा है ताकि सिंडिकेट के अन्य बड़े नाम और फंड्स की आवाजाही के बारे में सुराग मिल सके। पहले भी इस मामले में कई हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियां और पूछताछ हो चुकी है।
पूर्व सांसद की बेटी के विलासितापूर्ण खर्चों में शामिल होने का आरोप
ED ने दावा किया है कि तानकिया ने कांग्रेस के पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया की बेटी के अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और महंगे होटल खर्चों के लिए पैसे प्रदान किए। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह पैसा महादेव ऐप के प्रमोटरों से आया और हवाला नेटवर्क के जरिए ट्रांसफर किया गया। तानकिया को इस सिंडिकेट का एक "मनी लॉन्ड्रर" माना जा रहा है, जो प्रभावशाली लोगों से संबंध बनाए रखने और अवैध धन को ठिकाने लगाने का काम करता था।
पूनिया ने आरोपों को सिरे से खारिज किया, ED जांच जारी
इन आरोपों के सामने आने के बाद पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया ने इसे राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि प्रतीक तानकिया उनके परिवार का परिचित हो सकता है, लेकिन उनका परिवार किसी अवैध लेन-देन में शामिल नहीं है। वहीं ED इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट को राजनीतिक संरक्षण या लाभ मिला। प्रतीक तानकिया को रिमांड पर लेकर एजेंसी अब नेटवर्क और अन्य जुड़े लोगों की पहचान कर रही है।
निष्कर्ष -
ED ने प्रतीक तानकिया को महादेव सट्टा ऐप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। जांच जारी है ताकि नेटवर्क और जुड़े बड़े नामों का पता लगाया जा सके।