लंदन के हाउंसलो इलाके से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 14 साल की सिख लड़की को एक पाकिस्तानी ग्रुमिंग गैंग के सदस्य ने अगवा कर लिया। आरोपी की उम्र करीब 38 साल बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही सिख समुदाय के करीब 200 लोग एकजुट हुए और बहादुरी दिखाते हुए लड़की को सुरक्षित छुड़ा लिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
ग्रुमिंग गैंग क्या होता है?
ग्रुमिंग गैंग ऐसे अपराधियों का संगठित समूह होता है, जो कम उम्र की लड़कियों या कमजोर बच्चों को अपना निशाना बनाते हैं। इनका मकसद यौन शोषण या मानव तस्करी होता है। ये अपराधी सीधे हमला नहीं करते, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत काम करते हैं, जिसे ‘ग्रुमिंग’ कहा जाता है।
ग्रुमिंग कैसे की जाती है?
ग्रुमिंग गैंग के लोग:
-पार्क, मॉल, स्कूल या सोशल मीडिया के जरिए बच्चों से संपर्क करते हैं
-दोस्ती के नाम पर महंगे तोहफे, मोबाइल फोन, प्यार या सहानुभूति दिखाते हैं
-धीरे-धीरे बच्चों को परिवार और दोस्तों से दूर कर देते हैं
-शिकार को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेने के बाद शारीरिक शोषण किया जाता है
-कई मामलों में पीड़ित को गिरोह के अन्य सदस्यों के पास भी भेजा जाता है
-फोटो या वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाता है ताकि वह पुलिस या परिवार को कुछ न बता सके
यूके में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
ब्रिटेन में इससे पहले भी रोदरहैम और टेल्फोर्ड जैसे शहरों में ग्रुमिंग गैंग के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं। जांच में यह बात सामने आई कि ये गैंग संगठित तरीके से, लंबे समय तक अपने अपराध को अंजाम देते रहे।
सिख समुदाय की भूमिका
इस ताजा मामले में सिख समुदाय की तत्परता और एकजुटता ने एक मासूम की जान और इज्जत बचाई। स्थानीय समुदायों की सजगता ही ऐसे अपराधों को रोकने का सबसे मजबूत हथियार बनती जा रही है।