गोल्डी बराड़ के माता-पिता पुलिस गिरफ्त में
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मास्टरमाइंड और कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। श्री मुक्तसर साहिब पुलिस ने गोल्डी बराड़ के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई रात करीब 10 बजे की गई, जब दोनों अमृतसर में गोल्डन टेंपल के पास स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे। पुलिस लंबे समय से उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और पुख्ता सबूत मिलने के बाद यह गिरफ्तारी की गई।
शिक्षक से ₹50 लाख की रंगदारी का मामला
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरफ्तारी दो साल पुराने रंगदारी के मामले से जुड़ी है। गांव उडेकरन के रहने वाले एक शिक्षक से ₹50 लाख की फिरौती मांगी गई थी। 27 नवंबर 2024 को स्कूल ड्यूटी के दौरान शिक्षक को व्हाट्सएप पर एक विदेशी नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बंबीहा गैंग का सदस्य बताते हुए सीधे तौर पर बड़ी रकम की मांग की और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी।
परिवार को नुकसान पहुंचाने की दी गई धमकी
धमकी देने वाले व्यक्ति ने शिक्षक से कहा कि वह इस कॉल को हल्के में न ले, क्योंकि उसे उसके पूरे परिवार की जानकारी है। आरोपी ने कहा कि अगर पैसों का इंतजाम नहीं किया गया तो न सिर्फ शिक्षक बल्कि उसके परिवार के अन्य सदस्यों को भी जान से मार दिया जाएगा। एक ही दिन में कई बार कॉल आने से शिक्षक बुरी तरह दहशत में आ गया और मानसिक रूप से टूट गया।
FIR के बाद खुला पूरा नेटवर्क
लगातार डर और तनाव में रहने के बाद शिक्षक ने परिवार की सलाह पर 3 दिसंबर 2024 को श्री मुक्तसर साहिब थाने में शिकायत दर्ज करवाई। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि उस समय बंबीहा गैंग और गोल्डी बराड़ एक साथ काम कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि गोल्डी बराड़ के माता-पिता के पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं था और वे फिरौती से मिलने वाली रकम पर ही अपना खर्च चला रहे थे।
कौन है गैंगस्टर गोल्डी बराड़
गोल्डी बराड़ का असली नाम सतविंदर सिंह है। उसका जन्म 1994 में पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में हुआ था। उसके पिता शमशेर सिंह पंजाब पुलिस में ASI के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। गोल्डी बराड़ लॉरेंस गैंग का करीबी माना जाता रहा है और उस पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में 20 से ज्यादा हत्याएं करवाने का आरोप है। 29 मई 2022 को पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। जून 2022 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ और जनवरी 2024 में भारत सरकार ने उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया।