up politics : बसपा वापसी की तैयारी में जुटी है, आकाश आनंद राज्यव्यापी अभियान का नेतृत्व करेंगे।

Authored By: News Corridors Desk | 26 Jan 2026, 03:07 PM
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यूपी की सियासत में बसपा की वापसी की तैयारी

उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज होती नजर आ रही है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) दोबारा अपने खोए हुए राजनीतिक जनाधार को वापस पाने के लिए सक्रिय सियासी भूमिका में लौटने की तैयारी कर रही है। पंचायत चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने अपनी रणनीति को तेज कर दिया है। लंबे समय से कमजोर पड़ते संगठन और पारंपरिक वोट बैंक को फिर से मजबूत करने के लिए बसपा नेतृत्व अब जमीनी स्तर पर सक्रिय होने जा रहा है।

मार्च से आकाश आनंद संभालेंगे मोर्चा

इसी रणनीति के तहत मार्च महीने से पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद प्रदेशभर में जनसभाएं और रोड शो कर सकते हैं। आकाश आनंद को बसपा का उभरता हुआ युवा चेहरा माना जा रहा है और पार्टी नेतृत्व उन्हें संगठन में नई ऊर्जा भरने की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है। उनका मुख्य उद्देश्य पार्टी के मूल जनाधार को एकजुट करना और युवाओं को बसपा से जोड़ना होगा। सूत्रों के अनुसार, इस अभियान की औपचारिक शुरुआत बसपा सुप्रीमो मायावती की अंतिम मंजूरी के बाद की जाएगी।

मायावती का साफ संदेश: अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा

बसपा सुप्रीमो मायावती पहले ही अपने जन्मदिन के अवसर पर स्पष्ट कर चुकी हैं कि पार्टी आने वाले सभी चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि पार्टी हित में जरूरत पड़ने पर कड़े फैसले लेने से वह पीछे नहीं हटेंगी। साथ ही, उन्होंने अपनी सेहत को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और पार्टी का नेतृत्व करने में सक्षम हैं।

संगठन को धार देने में जुटे प्रदेश अध्यक्ष

वहीं, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल लगातार जिलों का दौरा कर संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। उनके नेतृत्व में अन्य दलों के कई नेता बसपा में शामिल हो रहे हैं, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है। संगठन विस्तार को आगामी चुनावों के लिए अहम माना जा रहा है।

बिहार मॉडल पर यूपी में रणनीति लागू करने की तैयारी

बिहार में आकाश आनंद की सक्रिय भूमिका पहले ही देखी जा चुकी है, जहां उनके प्रयासों से पार्टी को नुकसान से बचाने में सफलता मिली थी। अब उत्तर प्रदेश में भी बसपा उसी मॉडल को अपनाकर संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने की तैयारी में है।

युवा नेतृत्व के सहारे नई सियासी चुनौती

कुल मिलाकर, बसपा अब युवा नेतृत्व, संगठनात्मक मजबूती और अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति के सहारे राजनीतिक मैदान में नई चुनौती पेश करने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है। आने वाले महीनों में आकाश आनंद की सक्रियता यह तय करेगी कि पार्टी अपने पुराने जनाधार को कितना दोबारा हासिल कर पाती है।