सरकारी अनुदान लेकर करें मखाना की खेती, 15 जनवरी तक आवेदन का मौका

Authored By: News Corridors Desk | 05 Jan 2026, 05:53 PM
news-banner

पटना, 05 जनवरी। बिहार का मखाना तेजी से वैश्विक सुपर फूड बन रहा है। ऐसे में मखाना विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों में तेजी आई है। इसी कड़ी में कृषि विभाग नए किसानों को सरकारी अनुदान पर मखाना की खेती करने का मौका दे रहा है। अनुदान पाने के लिए किसानों को 15 जनवरी तक बिहार कृषि ऐप या उद्यान निदेशालय की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मखाना का क्षेत्र विस्तार (खेत प्रणाली) के लिए विभागीय पोर्टल डीबीटी पर पंजीकृत किसान आवेदन कर सकते हैं। मखाना की खेती (खेत प्रणाली) के लिए निर्धारित इकाई लागत 0.97 लाख रुपये/हेक्टेयर है, जिसमें बीज सहित अन्य इनपुट तथा हार्वेस्टिंग तक की राशि शामिल है। 
 
इस दर से मिलेगी अनुदान
योजना के तहत पहले वर्ष के लिए स्वीकृत अनुदान राशि 36 हजार 375 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से दी जाएगी। जिसमें बीज की राशि संबंधित आपूर्तिकर्ता को बीज प्राप्त करने के बाद और शेष राशि किसानों को पौध रोपण के बाद दी जायेगी। वहीं एक किसान को न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) और अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) का लाभ मिलेगा। वहीं मखाना बीज उत्पादन के तहत मखाना के क्षेत्र में कार्य कर रहे संस्थानों द्वारा अनुदान पर मखाना के उन्नत प्रभेद स्वर्ण वैदेही एवं सबौर मखाना-1 के बीज का उत्पादन कराया जायेगा। मखाना बीज वितरण योजना के तहत वितरित अनुशंसित प्रभेद का बीज के मूल्य की राशि अधिकतम 225.00 रुपये प्रति किलोग्राम अनुदान के रूप में दी जायेगी। बीज का मूल्य बढ़ने पर अतिरिक्त राशि का वहन किसान स्वयं करेंगे।
  
इन 16 जिलों के लिए है योजना राज्य के 16 जिलों कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, समस्तीपुर, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण एवं मुजफ्फरपुर में इस योजना का लाभ दिया मिलेगा। सरकार की इस पहल से राज्य में मखाना की खेती का क्षेत्र विस्तार करने में मदद मिलेगी। साथ ही उन्नत प्रभेदों, बीजों और उपकरणों के वितरण से न सिर्फ मखाना उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।