पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर की बेटी महनूर की शादी चर्चा में है। महनूर ने पाकिस्तान आर्मी की हेडक्वॉर्टर में निकाह किया। बेहद ही निजी समारोह में पाकिस्तान की बड़ी राजनीतिक और नामी हस्तियों ने शिरकत की।पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार चर्चा की वजह बनी है उनकी बेटी महनूर की शादी, जिसे उन्होंने अपने सगे भाई के बेटे कैप्टन सैयद अब्दुल रहमान कासिम से की है। पाकिस्तानी पत्रकारों ने इस शादी की पुष्टि की है। पत्रकार राजा मुनीब ने X पर एक पोस्ट में बताया कि असीम मुनीर ने अपनी बेटी के शादी कासिम मुनीर के बेटे से कराई है जो उनके भाई है। दोनों चचेरे भाई-बहनों की शादी रावलपिंडी में हुई है। इस शादी ने पाकिस्तान के समाज में बड़े पैमाने पर परिवार के अंदर होने वाली शादियों की तरफ एक बार फिर सबका ध्यान खींचा है।
पाकिस्तान में फर्स्ट कजिन मैरिज
स्टडी से पता चलता है कि पाकिस्तान में लगभग 60 से 70 प्रतिशत शादियां परिवार के अंदर होती हैं। इनमें ज्यादातर फर्स्ट कजिन के बीच (चचेरे, फुफेरे भाई-बहन) होती है, जो वैश्विस औसत 10% से बहुत अधिक है। पाकिस्तान में कई परिवारों में यह प्रथा पीढ़ियों से चली आ रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से कजिन शादियों को लेकर चिंता जता रहे हैं।
कजिन मैरिज से शादी के खतरे
विशेषज्ञों का कहना है कि फर्स्ट कजिन से पैदा होने वाले बच्चों में आम आबादी की तुलना में जन्म दोष का खतरा लगभग दोगुना होता है। जब ऐसी शादियां पीढ़ियों तक चलती हैं तो वंशानुगत आनुवंशिक विकार (जेनेटिक डिसऑर्डर) ज्यादा बढ़ जाते हैं। पाकिस्तान में पहले से ही थैलेसीमिया, सिस्टिक फाइब्रोसिस और बौद्धिक अक्षमता जैसी बीमारियों से प्रभावित लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। ये उन क्षेत्रों में अधिक है, जहां दशकों से परिवार में शादियों का प्रचलन है।