देश की धड़कन "वन्दे भारत" 180 की स्पीड से दौड़ेगी

Authored By: News Corridors Desk | 03 Jan 2026, 07:39 PM
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वन्दे भारत "देश की धड़कन" 

वन्दे भारत इस समय देश की धड़कन बन चुकी है देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस 15 फ़रवरी  2019 को शुरू हुई थी जो कि नई दिल्ली से बनारस के लिए चलाई गई थी ..जब पहली बार यह ट्रेन बनारस पहुँची तो हजारों लोग इस ट्रेन को देखने के लिए स्टेशन पर इंतजार कर रहे थे ।इसका ⁠उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखा कर किया था। इसे ट्रेन '18' के नाम से भी जाना जाता था क्योंकि इसे महज 18 महीनों के समय में तैयार किया गया था।
इस समय देश में लगभग 164 से अधिक वंदे भारत ट्रेन सेवाएँ (अप और डाउन मिलाकर) संचालित हो रही हैं। यह ट्रेन लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (जहाँ ब्रॉड गेज विद्युतीकृत लाइनें हैं) को आपस में जोड़ चुकी हैं। सितंबर 2022 में गांधीनगर-मुंबई रूट के साथ इसका उन्नत संस्करण (2.0) पेश किया गया, जो पहले से अधिक हल्का और तेज़ है।वही वर्ष 2023 में नए 'भगवा' या 'केसरिया' रंग वाली वंदे भारत की शुरुआत की गई, जिसमें और भी बेहतर सुविधाएं जोड़ी गईं जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर का आनन्द दिया जा सके ।
⁠वंदे भारत स्लीपर का आना भारत के रेलवे के इतिहास में एक क्रान्ति जैसे है जनवरी 2026 में इसकी पहली स्लीपर सेवा (हावड़ा-गुवाहाटी) प्रारम्भ हो रही है, जो लंबी दूरी की यात्रा के लिए मील का पत्थर होगी।यह ट्रेन जनवरी 2026 के मध्य (संभावित 17 या 18 जनवरी) में शुरू होने वाली है।
पहली ट्रेन कब और कहाँ चलेगी? नरेंद्र मोदी 15 से 20 जनवरी 2026 के बीच इसे हरी झंडी दिखा सकते हैं। पहली स्लीपर वन्देभारत की यात्रा गुवाहाटी से शाम 7:00 बजे चलकर अगले दिन सुबह 9:30 बजे हावड़ा तक की होगी ।
स्लीपर वंदे भारत विशेष क्यों -
यह ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस  और शताब्दी एक्सप्रेस से भी आधुनिक और आरामदायक होगी। इसकी मुख्य विशेषताएं कुछ इस प्रकार हैं:
 ⁠कोच और क्षमता: इसमें कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी (3AC), 4 सेकेंड एसी (2AC) और 1 फर्स्ट एसी (1AC) कोच शामिल हैं। इसमें कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे।
 ⁠रफ़्तार: इसकी डिजाइन स्पीड 180 किमी/घंटा है, हालांकि यह पटरियों की क्षमता के अनुसार चलेगी। ट्रायल के दौरान इसने 180 की स्पीड पर भी स्थिरता का सफल परीक्षण किया है।
 ⁠बेहतर बर्थ: बर्थ (सीटों) में एर्गोनोमिक  डिजाइन और एक्स्ट्रा कुशनिंग  दी गई है। ऊपर की बर्थ पर चढ़ने के लिए नई डिजाइन वाली सीढ़ियाँ लगाई गई हैं।
⁠  ⁠आधुनिक सुविधाएं:  विमानों की तरह बायो-वैक्यूम टॉयलेट।
⁠  ⁠फर्स्ट एसी में यात्रियों के लिए गर्म पानी के साथ शॉवर क्यूबिकल।
⁠  ⁠सेंसर आधारित लाइटिंग और कॉमन एरिया में सॉफ्ट नाइट लाइटिंग।
⁠  ⁠हर बर्थ के लिए पर्सनल रीडिंग लाइट और USB चार्जिंग पॉइंट।
⁠  ⁠सुरक्षा: स्वदेशी एंटी-कोलिजन सिस्टम 'कवच' (Kavach), सीसीटीवी कैमरे और आग बुझाने के लिए एरोसोल-आधारित सिस्टम।
किराया (लगभग)
स्लीपर बन्दे भारत का किराया या खाने के साथ इस तरह होने की उम्मीद है:
 क्लास | संभावित किराया (₹) |

1- AC 3-Tier | ₹2,300 
2- AC 2-Tier | ₹3,000 
3- First AC | ₹3,600 

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्लीपर वन्देंभारत  को लेकर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि "यह ट्रेन मध्यमवर्गीय परिवार के लिए खास तौर पर बनाई गई है जिसका किया भी बहुत कम है और सुविधाएं बहुत ज्यादा " भारत के लोगो को तो बस इंतजार है देश की धड़कन "वन्दे भारत " स्लीपर को  पटरी पर दौड़ने का ।