नितिन नवीन के वो काम जिसने उन्हें अध्यक्ष की कुर्सी दिला दी

Authored By: News Corridors Desk | 20 Jan 2026, 04:21 PM
news-banner

नितिन नवीन को राजनीति में एक 'परफॉर्मर' और 'ऑर्गेनाइजर' (संगठनकर्ता) के रूप में पहचान मिली है। उनके करियर के कुछ सबसे महत्वपूर्ण कार्य-

नितिन नवीन को राजनीति में एक 'परफॉर्मर' और 'ऑर्गेनाइजर' (संगठनकर्ता) के रूप में पहचान मिली है। उनके करियर के कुछ सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में बिहार के पथ निर्माण मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए याद किया जाता है।बिहार के पथ निर्माण मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए याद किया जाता है। उन्होंने पारंपरिक राजनीति से हटकर तकनीक का सहारा लिया। उन्होंने एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया, जिससे आम जनता सड़कों के गड्ढों की शिकायत कर सकती थी। इसमें ठेकेदारों की जवाबदेही तय की गई, जिससे सड़कों की मरम्मत के काम में तेजी आई।नितिन नवीन ने आउटपुट और परफॉर्मेंस बेस्ड रोड मेंटेनेंस' नीति लागू की।

 इसके तहत सड़क बनाने वाले ठेकेदार को ही 7 साल तक उसके रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई, जिससे सड़कों की गुणवत्ता में बड़ा सुधार हुआ।इसके अलावा शीर्ष नेतृत्व को नितिन नवीन ने छत्तीसगढ़ चुनाव में जिस तरह से 'किंगमेकर' की भूमिका संगठन के स्तर पर निभाने का काम किया उसने उनको बाक़ी लोगों से आगे कर दिया ।उनकी सबसे बड़ी पहचान छत्तीसगढ़ में बनी।वे छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी थे और 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट किया।कहा जाता है कि 'महतारी वंदन योजना' जैसी सफल योजनाओं के क्रियान्वयन और टिकट वितरण की रणनीति में उनकी अहम भूमिका थी, जिसकी बदौलत भाजपा ने वहां अप्रत्याशित जीत दर्ज की। शहरी विकास और सेटेलाइट टाउनशिप की योजना बना कर भविष्य के लिए सपने संजोना ये भी नितिन नवीन की बड़ी उपलब्धि थी ।


नगर विकास मंत्री के रूप में उन्होंने बिहार के बड़े शहरों (जैसे पटना, गया, मुजफ्फरपुर) का बोझ कम करने के लिए 11 नई सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना शुरू की। साथ ही, पटना में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पहली बार GIS मैपिंग के जरिए ड्रेनेज सिस्टम की वैज्ञानिक निगरानी शुरू करवाई। जि समय पूरे देश की नजर बांकीपुर पर लगी थी यह समय था वर्ष 2020 के बिहार चुनाव में पटना की बांकीपुर क्योंकि उनके सामने शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा और 'प्लूरल्स पार्टी' की पुष्पम प्रिया चौधरी थीं। नितिन नवीन ने इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले को भारी अंतर से जीतकर साबित किया कि उनकी पकड़ अपने क्षेत्र में कितनी मजबूत है।


नितिन नवीन को 20 जनवरी 2026 को निर्विरोध भारतीय जनता पार्टी (BJP) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। 45 वर्ष की आयु में वह पार्टी के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष बने हैं।अध्यक्ष पद संभालने के बाद उनकी मुख्य प्राथमिकताएँ सांगठनिक बदलाव और युवा नेतृत्व (Generational Shift) नितिन नवीन की सबसे बड़ी प्राथमिकता पार्टी में 'पीढ़ीगत बदलाव' को लागू करना है।माना जा रहा है कि वह अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 55 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को तरजीह देंगे।पुराने अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन के साथ नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को मुख्यधारा में लाना उनकी प्राथमिकता होगी।उनके कार्यकाल की शुरुआत में ही कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जो उनके नेतृत्व की पहली बड़ी परीक्षा होंगे ।

पश्चिम बंगाल और असम: इन राज्यों में पार्टी के प्रदर्शन को बनाए रखना और सुधारना।तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में पार्टी के विस्तार (Expansion) पर विशेष ध्यान देना।राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनका दीर्घकालिक लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए संगठन को तैयार करना है। इसमें बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करना और "पन्ना प्रमुख" मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाना | नितिन नवीन स्वयं बिहार सरकार में मंत्री रहे हैं, इसलिए केंद्र सरकार (मोदी 3.0) की योजनाओं को जमीन पर उतारने और कार्यकर्ताओं के माध्यम से जनता तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम होगी। बिहार में मंत्री रहते हुए उन्होंने 'पथ संधारण' ऐप और GIS मैपिंग जैसे तकनीकी प्रयोग किए थे। संगठन में भी वह डेटा-संचालित राजनीति और डिजिटल नेटवर्किंग को बढ़ावा दे सकते हैं।नितिन नवीन ने जेपी नड्डा का स्थान लिया है। वह बिहार से आने वाले बीजेपी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जो बिहार बीजेपी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।