India roars in Colombo : 61 रन की दमदार जीत से पाकिस्तान पर फिर साबित हुआ दबदबा

Authored By: News Corridors Desk | 16 Feb 2026, 01:16 PM
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रविवार रात कोलंबो में खेले गए टी-20 मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर एक बार फिर अपने दबदबे का प्रदर्शन किया। मैच से पहले बारिश की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन मौसम साफ रहा और दर्शकों को पूरा रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 175 रन बनाए, जो पिच की परिस्थितियों को देखते हुए मजबूत स्कोर माना गया। जवाब में पाकिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और लक्ष्य से काफी पीछे रह गई।

भारतीय पारी की शुरुआत हालांकि झटके के साथ हुई, लेकिन इसके बाद ईशान किशन ने जिम्मेदारी संभाल ली। उन्होंने 40 गेंदों पर 77 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें आक्रामक शॉट्स के साथ-साथ समझदारी भी नजर आई। स्पिन के अनुकूल विकेट पर उन्होंने स्वीप, कट और ड्राइव का बेहतरीन इस्तेमाल किया। उनके आत्मविश्वास ने बाकी बल्लेबाजों को भी खुलकर खेलने का मौका दिया। मध्यक्रम में सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा ने संयम दिखाते हुए अहम साझेदारी की। दोनों ने तेजी से रन बनाने के बजाय स्ट्राइक रोटेट कर पारी को स्थिरता दी, जिससे टीम बड़े स्कोर तक पहुंच सकी।

अंतिम ओवरों में भारत के पास हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे और रिंकू सिंह जैसे आक्रामक फिनिशर मौजूद थे, जिससे बल्लेबाजी क्रम में गहराई दिखी। यही कारण रहा कि भारतीय टीम ने बिना ज्यादा जोखिम लिए मजबूत स्कोर खड़ा किया। 175 रन का लक्ष्य इस पिच पर प्रतिस्पर्धी था और भारतीय गेंदबाजों ने इसे साबित भी कर दिया।

गेंदबाजी में भारत की शुरुआत बेहद प्रभावशाली रही। जसप्रीत और हार्दिक पंड्या ने नई गेंद से सटीक लाइन-लेंथ के साथ पाकिस्तान के शीर्ष क्रम को झकझोर दिया। शुरुआती ओवरों में ही तीन विकेट गिरने से पाकिस्तान दबाव में आ गया। इसके बाद स्पिन तिकड़ी—कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल—ने रन गति पर लगाम कस दी। उन्होंने बीच के ओवरों में बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाते रहे।

इस जीत ने दिखाया कि भारतीय टीम संतुलन, आत्मविश्वास और रणनीति के मामले में बेहद मजबूत नजर आ रही है। बल्लेबाजी में गहराई, गेंदबाजी में विविधता और दबाव की परिस्थितियों में संयम—इन सभी पहलुओं में भारत आगे दिखा। पाकिस्तान की टीम को न तो मजबूत शुरुआत मिली और न ही मध्यक्रम में कोई बड़ी साझेदारी बन पाई। कुल मिलाकर यह मुकाबला भारत की सामूहिक ताकत और बेहतर तैयारी का उदाहरण रहा, जिससे वह टूर्नामेंट में ट्रॉफी का प्रबल दावेदार बनकर उभरा है।