2 महीने से जेल में कट रही थी विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी की रातें, अब सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

Authored By: News Corridors Desk | 13 Feb 2026, 05:18 PM
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बॉलीवुड फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट ने करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में अंतरिम जमानत दे दी है। राजस्थान पुलिस ने इस दंपती को 7 दिसंबर 2025 को एक 30 करोड़ रुपये के फ्रॉड केस में गिरफ्तार किया था। आरोपों के मुताबिक, यह मामला आर्थिक लेनदेन से जुड़ा है और दोनों पर यह आरोप है कि उन्होंने फिल्म प्रोजेक्ट के लिए प्राप्त रकम का दुरुपयोग किया। मुंबई से हिरासत में लेकर उदयपुर लाया गया और वहीं से न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। इस गिरफ्तारी के बाद भट्ट दंपती जेल में बंद थे।

इस मामले में पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने 31 जनवरी 2026 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत दे दी और निर्देश दिया कि निर्धारित बेल बॉन्ड भरने के बाद उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह अंतरिम जमानत केवल अस्थायी राहत है और मामले की आगे की सुनवाई 19 फरवरी 2026 को नियत तारीख पर की जाएगी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी करते हुए मामले पर जवाब मांगा है।

पूरे मामले की पृष्ठभूमि यह है कि मुर्डिया नामक व्यक्ति की शिकायत पर भट्ट दंपती सहित अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) के आरोप लगे थे। शिकायत में बताया गया कि करीब 30 करोड़ रुपये की राशि, जो कथित तौर पर एक फिल्म प्रोजेक्ट के लिए दी गई थी, का उपयोग गलत तरीके से किया गया। आरोप है कि भट्ट परिवार ने अलग-अलग नामों से फर्जी बिल तैयार किए और रकम को प्रोजेक्ट में खर्च करने के बजाय अपने खातों में स्थानांतरित कर लिया।

इस मामले में विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट के अलावा उदयपुर निवासी दिनेश कटारिया और भट्ट के मैनेजर महबूब अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी टिप्पणी की कि आपराधिक मामलों का इस्तेमाल किसी से पैसे वसूलने के साधन के रूप में नहीं किया जा सकता। अदालत ने मामले की जांच और दलीलों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अंतरिम जमानत प्रदान की है, जिससे भट्ट दंपती फिलहाल जेल से बाहर आ सकेंगे। आगामी सुनवाई में अदालत पूरी तरह से तथ्यों और राज्य सरकार की दलीलों पर विचार करेगी।