समाज के अलग अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दस विद्वानों का रविवार को काशी में सम्मान किया गया।
यह समारोह व्यास जयंती एवं गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में किया गया जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री डॉक्टर दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे।
मुख्य अतिथि ने कहा कि राष्ट्र निर्माण एवं संस्कार निर्माण में ब्राह्मण समाज की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है।
सरयूपारीण ब्राह्मण परिषद, वाराणसी के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में इन विद्वानों को सम्मानित किया गया-
- डॉ शशिकला त्रिपाठी उपाध्याय (पूर्व अध्यक्ष, हिंदी विभाग, बसंता कॉलेज फॉर वुमेन, बीएचयू),
- डॉ. अलंकार तिवारी (वरिष्ठ चिकित्सक,DMएंडोक्राइनोलॉजी),
- प्रो सुचिता त्रिपाठी (अध्यक्ष, हिंदी विभाग, आर्य महिला पीजी कॉलेज),
- डॉ.देवानन्द उपाध्याय (असिस्टेंट प्रोफेसर, सिद्धांत दर्शन विभाग, आईएमएस, बीएचयू),
- ममता मिश्रा (वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर, सर सुंदरलाल चिकित्सालय, बीएचयू),
- डॉ. वेदप्रकाश शर्मा (पीजीडी, कम्युनिटी मेडिसिन, नर्सिंग कॉलेज, आईएमएस, बीएचयू),
- डॉ. प्रेमशंकर पांडे (रसशास्त्र विभाग, आयुर्वेद संकाय, आईएमएस, बीएचयू) तथा
- डॉ आकांक्षा पांडे (ऑर्थोडॉन्टिक्स विभाग, आईएमएस, बीएचयू
- शोभित पांडेय, CA
- श्री श्रीनाथ त्रिपाठी* (वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सदस्य, बार काउंसिल ऑफ इंडिया)
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तुलसी घाट (अस्सी) के एक होटल के सभागार में परिषद की ओर से विद्वानों को चंदन तिलक, अंगवस्त्र, रुद्राक्ष माला एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष पं. पारसनाथ उपाध्याय ने की।समारोह में वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी भी मौजूद थे।