इमरान खान जो पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री हैं, उन्हें इस्लामाबाद में निर्माणाधीन नई जेल में स्थानांतरित किए जाने की तैयारी की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने जानकारी दी है कि राजधानी में एक आधुनिक जेल प्रणाली विकसित की जा रही है, जहां कैदियों को स्वास्थ्य, उपचार और पुनर्वास की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी।
नई जेल के भीतर एक अत्याधुनिक अस्पताल स्थापित किया जा रहा है। इसमें विभिन्न रोगों के उपचार के लिए अलग-अलग विशेषज्ञ विभाग बनाए जा रहे हैं और आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि कैदियों को इलाज के लिए बार-बार जेल से बाहर स्थानांतरित न करना पड़े और उन्हें परिसर के अंदर ही समुचित चिकित्सकीय देखभाल मिल सके।
गृह मंत्री के अनुसार, इस्लामाबाद की नई जेल अगले लगभग दो महीनों में पूरी तरह से चालू हो सकती है। इसके बाद इमरान खान को वहां स्थानांतरित किया जाएगा। नई सुविधा में सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं और पुनर्वास व्यवस्था उपलब्ध होगी।
रिपोर्टों के मुताबिक, इस मॉडल जेल में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। इसमें बहु-स्तरीय निगरानी प्रणाली, नियंत्रित प्रवेश क्षेत्र और उच्च जोखिम वाले कैदियों के लिए मजबूत सुरक्षा घेरा शामिल होगा। सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
इस बीच मीडिया में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय में एक चिकित्सकीय रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि जेल में रहने के दौरान इमरान खान की आंखों की रोशनी लगभग 85 प्रतिशत तक प्रभावित हो गई है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि यह स्थिति संस्थागत स्तर पर हुई चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई।
बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट अधिवक्ता सलमान सफदर द्वारा तैयार की गई है। इसमें यह भी आरोप लगाए गए हैं कि सैन्य प्रतिष्ठान के कुछ तत्वों द्वारा बिना पारंपरिक साक्ष्य छोड़े स्थायी शारीरिक क्षति पहुंचाने की कोशिश की गई। हालांकि इन आरोपों पर आधिकारिक स्तर पर भिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
यह पूरा घटनाक्रम पाकिस्तान की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले समय में नई जेल में स्थानांतरण और स्वास्थ्य संबंधी दावों पर न्यायालय तथा सरकार की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सबकी नजरें बनी हुई हैं।