नोएडा मेट्रो के एक्वा लाइन का विस्तार मंजूरी
केंद्र की कैबिनेट ने नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस विस्तार के तहत सेक्टर 142 स्टेशन को दिल्ली मेट्रो के बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन से सीधे जोड़ा जाएगा। वर्तमान में एक्वा लाइन सेक्टर 51 से शुरू होकर सेक्टर 142, नॉलेज पार्क 2, परी चौक होते हुए डिपो स्टेशन तक जाती है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस नए एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लंबाई 11.56 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण में लगभग 2,254 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस मार्ग पर कुल 8 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
रोजाना हजारों लोगों को मिलेगा लाभ
मौजूदा समय में बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर 142 तक जाने के लिए यात्रियों को बस, ऑटो या कैब का सहारा लेना पड़ता है, जिससे यात्रा महंगी और समय-साध्य बन जाती थी। एक्वा लाइन के विस्तार के बाद यह यात्रा बेहद आसान और सुविधाजनक हो जाएगी। रोजाना हजारों लोगों को फायदा होगा, क्योंकि यह कॉरिडोर बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन को सीधे सेक्टर 148, नॉलेज पार्क 2 और परी चौक जैसी प्रमुख जगहों से जोड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से यात्रियों का समय बचेगा और मेट्रो नेटवर्क में भीड़ कम होगी।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के साथ निर्माण
यह विस्तार नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने और काम करने वाले लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। एक्वा लाइन के इस नए कॉरिडोर से सेक्टर 142 सीधे दिल्ली मेट्रो की ब्लू और मैजेंटा लाइन से जुड़ जाएगा। इसके बाद बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन तीन अलग-अलग मेट्रो लाइनों का जंक्शन बन जाएगा। यह सुविधा न केवल दैनिक यात्रियों के लिए राहत होगी, बल्कि क्षेत्र के विकास और रियल एस्टेट के लिए भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी।
कॉरिडोर का निर्माण और संचालन
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह एलिवेटेड कॉरिडोर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के साथ बनाया जाएगा। इसमें उच्च सुरक्षा मानक, आधुनिक स्टेशन सुविधाएं और यात्री केंद्रित डिज़ाइन शामिल होंगे। इसे नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित किया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, तेज और नियमित सेवा प्राप्त होगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद नोएडा मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 61 किलोमीटर हो जाएगी और नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के यातायात पर सकारात्मक असर पड़ेगा।