दिल्ली के पश्चिम विहार ईस्ट थाना क्षेत्र के अंतर्गत पीरागढ़ी इलाके में कार से तीन शव बरामद होने के मामले में रोज नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार झाड़-फूंक करने वाले आरोपी कमरुद्दीन से पूछताछ में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि वह दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों में लोगों को जिन्न और तंत्र-मंत्र का डर दिखाकर अपने जाल में फंसाता था। आरोप है कि वह धनवर्षा कराने के नाम पर परिवार की महिलाओं को अलग कमरे में ले जाकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था।
महिलाओं को बनाता था निशाना, आठ हत्याओं की कबूली
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी अब तक झाड़-फूंक के बहाने आठ लोगों की हत्या कर चुका है। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा के अनुसार, मृतक लक्ष्मी के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में कई महिलाओं और युवतियों की तस्वीरें मिलीं, जिनमें वे कथित तांत्रिक अनुष्ठान की मुद्रा में दिखाई दे रही थीं। उनके हाथों में निजी जानकारी लिखे कागज थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी ग्राहकों से कहता था कि धन प्राप्ति के लिए परिवार की किसी लंबी और सुंदर महिला का चयन जिन्न करेगा और उसे जिन्न के साथ संपर्क स्थापित करना होगा। इस दौरान महिला को मोबाइल फोन साथ ले जाने की अनुमति नहीं होती थी, या उसे फ्लाइट मोड में रखने को कहा जाता था।
डर और अंधविश्वास के जरिए ठगी का जाल
पुलिस के अनुसार, कमरुद्दीन पीड़ितों को यह कहकर डराता था कि जिन्न अदृश्य रूप में संपर्क करेगा और महिला को कुछ पता भी नहीं चलेगा। यदि कथित अनुष्ठान के बाद धन प्राप्त नहीं होता, तो वह महिला के बीमार पड़ने या किसी जानवर के काटने को जिन्न की नाराजगी बताकर दोबारा अनुष्ठान के नाम पर पैसे ऐंठता था। पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपी ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों में दर्जनों परिवारों को ठगी और अंधविश्वास के जाल में फंसाया। अब पुलिस ऐसे संभावित पीड़ित परिवारों की पहचान करने में जुटी है।
जहर, अंतरराज्यीय नेटवर्क और फर्जी हकीम का दावा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पीरागढ़ी मामले में रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी को दिए गए लड्डू में सल्फास (एल्यूमीनियम फॉस्फाइड) और भारी मात्रा में नींद की गोलियां मिलाई गई थीं। सल्फास एक प्रतिबंधित कीटनाशक है, जिसका उपयोग नियंत्रित परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस अब फिरोजाबाद के उस सप्लायर की तलाश कर रही है, जिसने आरोपी को यह जहर उपलब्ध कराया। आरोपी पांच दिन की पुलिस रिमांड पर है और उसके अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच के लिए राजस्थान और उत्तर प्रदेश पुलिस से भी संपर्क किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह खुद को चमत्कारी हकीम और बिना टांके सर्जरी करने वाला डॉक्टर बताता था तथा तांत्रिक शक्ति से ऑपरेशन करने का दावा कर प्रति व्यक्ति सात हजार रुपये वसूलता था।