Somnath Temple History: कितनी बार हुआ हमला और कितना खजाना लूटा गया?

Date: 2026-05-11
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘अमृत महोत्सव’ समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर देश के 11 प्रमुख तीर्थस्थलों से लाए गए पवित्र जल से मंदिर का विशेष कुंभाभिषेक किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के लिए खास कलश का उपयोग किया गया और कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने रोड शो भी किया। इस आयोजन के बाद एक बार फिर सोमनाथ मंदिर का इतिहास चर्चा का विषय बन गया है। लोगों के मन में यह सवाल फिर उठने लगा है कि सोमनाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है, इस पर कितनी बार हमले हुए और यहां से कितना खजाना लूटा गया था। खास तौर पर महमूद गजनवी की लूट और उस सोने की मौजूदा कीमत को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

सोमनाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख माना जाता है। इसका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों, खासकर शिव पुराण में भी मिलता है। मान्यता है कि मंदिर का निर्माण सोना, चांदी और बहुमूल्य रत्नों से किया गया था। इसकी अपार संपत्ति और धार्मिक प्रतिष्ठा के कारण यह विदेशी आक्रमणकारियों के निशाने पर रहा।

मंदिर पर कितनी बार हुए हमले?

इतिहासकारों के अनुसार सोमनाथ मंदिर पर कई बार हमले हुए। कुछ ऐतिहासिक विवरणों में यह संख्या 17 तक बताई गई है। हर आक्रमण के दौरान मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया और इसकी संपत्ति लूटी गई।

महमूद गजनवी का हमला

सोमनाथ मंदिर पर सबसे चर्चित हमला 1026 ईस्वी में तुर्क शासक महमूद गजनवी ने किया था। उस समय गुजरात में भीम प्रथम का शासन था। कहा जाता है कि गजनवी ने मंदिर को लूटने के साथ-साथ ज्योतिर्लिंग को भी क्षति पहुंचाई थी।

6 टन सोना लूटे जाने का दावा

कई फारसी और भारतीय इतिहासकारों के लेखों में उल्लेख मिलता है कि गजनवी अपने साथ भारी मात्रा में धन-संपत्ति लेकर गया था। कुछ विवरणों में 20 मिलियन सोने के दीनार का जिक्र है, जबकि कुछ में यह आंकड़ा इससे कहीं अधिक बताया गया है। कहा जाता है कि मंदिर के खजाने से लगभग 6 टन सोना लूटा गया था।

आज कितनी होगी उस सोने की कीमत?

वर्तमान समय में सोने की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। यदि 6 टन यानी करीब 6000 किलोग्राम सोने की आज की कीमत का अनुमान लगाया जाए, तो यह लगभग 9000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि यह केवल सोने का अनुमानित मूल्य है। मंदिर से लूटे गए हीरे, जवाहरात और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं को जोड़ दिया जाए तो इसकी कीमत कई गुना अधिक हो सकती है।

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