दिल्ली के पीरागढ़ी में हुए ट्रिपल मर्डर केस ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। पुलिस ने हाल ही में तांत्रिक बाबा कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया है, जो इस मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनमें उसकी कुख्यात तांत्रिक क्रियाओं और ठगी का पूरा जाल सामने आया है। पुलिस को अब तक आठ हत्याओं के सबूत मिले हैं, जिससे पता चलता है कि कमरुद्दीन ने पहले भी निर्दोष लोगों की हत्या की है।
पुलिस जांच में सामने आया कि कमरुद्दीन पीड़ितों को तांत्रिक अनुष्ठानों के जरिए धनवर्षा का झांसा देता था। वह लड़कियों और परिवारों को यह विश्वास दिलाता था कि जिन्न आएगा और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाएगा, जिससे उन्हें धन की प्राप्ति होगी। पीड़ित लक्ष्मी और उसके साथी शिव नरेश तथा रणधीर भी इसी झांसे में फंस गए। घटना के दिन लक्ष्मी ने शिव नरेश को तांत्रिक के घर की लोकेशन भेजी थी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि कमरुद्दीन घटना के समय कार में मौजूद था और कॉल मिलने से लगभग आधा घंटे पहले कार से बाहर गया था।
कमरुद्दीन की क्रूरता केवल हत्या तक ही सीमित नहीं थी। उसने ठगी के लिए भी लोगों को झांसा दिया और एक मीटिंग में 7 हजार रुपये तक वसूल करता था। इलाज और तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर वह लोगों से पैसे लेता और उनका शोषण करता था। पुलिस ने एक मामले में पाया कि उसने एक व्यक्ति के पेट में हाथ डालकर किडनी से स्टोन निकालने का दावा किया, लेकिन बाद में पता चला कि यह सब दिखावा था और उसके हाथों में सिंदूर लगाया गया था।
तीनों पीड़ितों की हत्या में कमरुद्दीन ने लड्डू में सल्फास, नींद की गोलियां और कोल्ड ड्रिंक मिलाकर उन्हें मार डाला। यह ऐसा डेडली कॉम्बिनेशन था कि कार में फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए। मृतका लक्ष्मी के मोबाइल से कई लड़कियों की फोटो भी बरामद हुईं, जो यंत्र-तंत्र और तांत्रिक क्रियाओं के झांसे में खड़ी नजर आ रही थीं। इससे पुलिस को यह पता चला कि कमरुद्दीन ने इस तरह के कई अन्य शिकार भी बनाए।
पुलिस ने कमरुद्दीन को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसके कई डरावने राज सामने आए हैं। अब तक उसके खिलाफ आठ हत्याओं के सबूत मिले हैं और जांच जारी है। पीड़ितों के परिवार और समाज में इस घटना ने भय और सदमा पैदा कर दिया है। दिल्ली पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि कमरुद्दीन के अन्य शिकार और संपत्तियों का भी पता लगाया जा सके।