जम्मू तवी तक चलेगी वंदे भारत ट्रेन, 2 मई से नियमित सेवा

Date: 2026-04-29
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दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में रेलवे कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा देते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा को अब श्रीनगर–कटरा से बढ़ाकर जम्मू तवी तक विस्तारित कर दिया गया है। इस नई सेवा का उद्घाटन 30 अप्रैल 2026 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा किया जाएगा। इस विस्तार के साथ अब देश की सबसे आधुनिक ट्रेन सीधे जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े रेलवे हब जम्मू तवी तक पहुंचेगी, जिससे क्षेत्र में यात्रा और कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी।

2 मई से शुरू होगी नियमित सेवा, 266 किमी का सफर 5 घंटे में

फ्लैग-ऑफ के बाद यह ट्रेन 2 मई 2026 से नियमित रूप से संचालित होगी। जम्मू तवी से श्रीनगर के बीच लगभग 266 किलोमीटर की दूरी तय करने में यह ट्रेन करीब 4 घंटे 50 मिनट का समय लेगी। इस रूट पर दो जोड़ी ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिससे यात्रियों को सुबह और दोपहर दोनों समय यात्रा का विकल्प मिलेगा।

बढ़ी डिमांड के चलते 8 से 20 कोच की गई ट्रेन

यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए वंदे भारत ट्रेन के कोच की संख्या 8 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है। इससे सीटों की उपलब्धता दोगुने से अधिक हो गई है और वेटिंग लिस्ट की समस्या में भी काफी कमी आने की उम्मीद है। अब नहीं करना होगा ट्रेन बदलने का झंझट इस विस्तार का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब यात्रियों को कटरा में ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अब यात्री जम्मू तवी से सीधे श्रीनगर और श्रीनगर से सीधे जम्मू तक बिना किसी इंटरचेंज के यात्रा कर सकेंगे। यह नई सुविधा खासतौर पर वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।


अब श्रद्धालु कटरा (वैष्णो देवी) और श्रीनगर (अमरनाथ बेस) के बीच एक ही ट्रेन से यात्रा कर सकेंगे। इसके अलावा, टूरिस्ट्स भी अब बिना किसी परेशानी के जम्मू से सीधे कश्मीर घाटी तक पहुंच सकेंगे, जिससे पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सर्दियों में बनेगी लाइफलाइन, -20°C में भी चलेगी ट्रेन

जम्मू-कश्मीर में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण सड़क मार्ग अक्सर बाधित हो जाता है। ऐसे में वंदे भारत ट्रेन, जो -20 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी चलने में सक्षम है, एक भरोसेमंद और सुरक्षित विकल्प साबित होगी। इस रेल कनेक्टिविटी से कश्मीर के व्यापारियों और कारीगरों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। पाश्मीना शॉल केसर हैंडीक्राफ्ट
जैसे उत्पादों का परिवहन अब तेज और किफायती होगा, जिससे स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी।

दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज इस रूट की खासियत

इस रूट पर स्थित चिनाब रेलवे ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है, जो एफिल टॉवर से भी ऊंचा है। इसके अलावा, अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज है। ये दोनों संरचनाएं USBRL परियोजना का अहम हिस्सा हैं और इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।

एक दशक में बदली J&K की रेल तस्वीर

पिछले एक दशक में जम्मू-कश्मीर में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से विकास हुआ है:
2014: उधमपुर–कटरा सेक्शन शुरू
2024: कश्मीर घाटी में पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन
2025: जम्मू रेलवे डिवीजन की स्थापना
USBRL प्रोजेक्ट: 43,780 करोड़ रुपये की लागत वंदे भारत ट्रेन का जम्मू तवी तक विस्तार केवल एक रेल सेवा का विस्तार नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर की कनेक्टिविटी, पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम है। यह पहल क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से और अधिक मजबूती से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।

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