प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दावा,'बंगाल में बदलाव तय, कमल खिलेगा' चुनाव से पहले ऑडियो संदेश जारी

Date: 2026-04-27
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कोलकाता। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में चुनावी आचार संहिता लागू होने से पहले राज्य के लोगों के लिए एक ऑडियो संदेश जारी किया। इससे पहले उन्होंने उत्तर 24 परगना के बैरकपुर में एक जनसभा को संबोधित किया था। राज्य में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों पर होना है, जबकि पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों के लिए वोट डाले जा चुके हैं।

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी को जीत मिलेगी। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता बदलाव के लिए तैयार है और उन्होंने इसे अपनी जिम्मेदारी बताया कि वे राज्य की सेवा करें और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने हाल के दिनों में प्रस्तुत किए गए विकास के विज़न का भी उल्लेख किया।

मोदी ने अपने दौरे का अनुभव साझा करते हुए कहा कि मां काली के श्रद्धालुओं के बीच रहकर उन्हें विशेष ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने अपनी रैलियों और रोड शो को एक तरह की आध्यात्मिक यात्रा जैसा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के लोग अब भय की राजनीति को नकार रहे हैं और भरोसे के साथ भाजपा का समर्थन कर रहे हैं।

बैरकपुर की रैली में उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार बंगाल में “कमल” खिलेगा। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि जब भारत समृद्ध था, तब अंग, बंग और कलिंग जैसे क्षेत्र मजबूत थे.. जिनका संबंध आज के बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से है। उनका कहना था कि देश को विकसित बनाने के लिए इन क्षेत्रों का सशक्त होना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम 4 मई को आने के बाद वे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए फिर से पश्चिम बंगाल आएंगे। उन्होंने दावा किया कि इस बार राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी।

इस दौरान उन्होंने टीएमसी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में “सिंडिकेट राज”, हिंसा और आर्थिक पिछड़ापन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि टीएमसी अपने मूल सिद्धांतों... मां, माटी, मानुष से भटक गई है और राज्य के विकास के लिए उसके पास स्पष्ट दृष्टि नहीं है।

बैरकपुर के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अब यह राजनीतिक बदलाव का केंद्र बन सकता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि देश के समग्र विकास के लिए पूर्वी भारत, खासकर पश्चिम बंगाल की प्रगति बेहद आवश्यक है।

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