लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर जनता के विरोध के बीच सरकार ने अपने नये फैसले में प्रीपेड की पूरी व्यवस्था ही खत्म कर दी है और तय किया है कि सभी स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड मीटर की तरह ही काम करेंगे।
इसके साथ ही प्रदेश में पुराने मीटरों को स्मार्ट-प्रीपेड मीटर से बदलने का कार्य भी स्थगित किया गया है।
इस आशय का ऐलान करते हुए उत्तर प्रेदश के बिजली मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा ने सोमवार को कहा, ‘विद्युत उपभोक्ताओं को स्मार्ट, प्रीपेड मीटर से आ रही तकनीकी दिक्कत के मद्देनजर उन्हें बड़ी राहत देने का महत्वपूर्ण निर्णय आज लिया है।’
आपको बता दें कि स्मार्ट मीटरों के लगाये जाने के बाद ज्यादा बिल आने और स्मार्ट प्रीपेड वाले घरों में रिचार्ज के बावजूद बिजली कटी रहने की जगह जगह से शिकायतें आ रही थीं। इसके ख़िलाफ़ जगह जगह लोग प्रदर्शन कर रहे थे जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हो रहे थे। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे थे।
सरकार के इस फैसले के बाद क़रीब 75 प्रीपेड स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड मीटर की तरह काम करने लगेंगे क्योंकि सभी उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर सामान्य पोस्ट-पेड मीटर की तरह ही कार्य करेंगे।
बिजली मंत्री ने कहा कि प्री-पेड नाम की व्यवस्था समाप्त की जा रही है जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ता पहले की तरह मासिक बिल भरेंगे और महीने की 1 तारीख से 30 तारीख तक का बिल अगले दस दिन में उपभोक्ता को एसएमएस या व्हाट्सऐप पर भेजा जाएगा।
शर्मा ने कहा कि उन्होंने बिजली विभाग को यह भी पुनः निर्देशित किया है कि किसी भी स्थिति में महीने के अंदर बिजली नहीं काटी जाएगी और पिछला बकाया होने पर उपभोक्ता दस किश्तों में उसे चुकाने की सुविधा प्रदान की जायेगी।
उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे अपना फ़ोन नंबर बिजली विभाग में अपडेट करा लें और बिजली विभाग से आने वाले संदेशों पर ध्यान दें।