पाकिस्तान के रावलपिंडी में हाल ही में हुई एक शादी सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा में है। इस निकाह की सबसे बड़ी वजह दूल्हा-दुल्हन के बीच करीब 48 साल का उम्र का अंतर है। 70 वर्षीय हकीम बाबर ने 22 साल की युवती से निकाह किया, जिसके बाद यह खबर तेजी से वायरल हो गई और लोगों के बीच बहस छिड़ गई।
मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, हकीम बाबर पेशे से हकीम (यूनानी इलाज करने वाले) बताए जा रहे हैं और स्थानीय स्तर पर उन्हें लोग जानते हैं। वहीं 22 वर्षीय युवती ने अपनी मर्जी से उनसे निकाह करने की बात कही है। बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात इलाज के सिलसिले में हुई थी, जिसके बाद बातचीत बढ़ी और रिश्ता शादी तक पहुंचा। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यही कहानी सबसे ज्यादा साझा की जा रही है।इस निकाह के सामने आते ही इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे पूरी तरह निजी मामला बताते हुए कहा कि अगर दोनों बालिग हैं और आपसी सहमति से शादी कर रहे हैं तो इसमें किसी को दखल देने का अधिकार नहीं है। उनका कहना है कि उम्र का अंतर किसी रिश्ते की मजबूती या कमजोरी तय नहीं करता।
वहीं दूसरी ओर, कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इतने बड़े एज गैप पर सवाल उठाए। कुछ लोगों ने इसे सामाजिक और मानसिक रूप से असमान रिश्ता बताया। उनका तर्क है कि 48 साल का अंतर जीवन के अनुभव, सोच और प्राथमिकताओं में बड़ा फर्क पैदा कर सकता है। इस कारण यह शादी बहस का विषय बन गई है।कुछ लोगों ने यह भी कहा कि दक्षिण एशियाई समाज में बड़े उम्र अंतर वाली शादियां पहले भी होती रही हैं, लेकिन सोशल मीडिया के दौर में ऐसी खबरें तुरंत वायरल हो जाती हैं और व्यापक चर्चा का हिस्सा बन जाती हैं। पहले ऐसे मामले स्थानीय स्तर तक सीमित रहते थे, लेकिन अब इंटरनेट के कारण दुनिया भर में पहुंच जाते हैं।
इस मामले में अभी तक किसी कानूनी विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है। पाकिस्तान के कानून के अनुसार, अगर दोनों पक्ष बालिग हैं और अपनी सहमति से शादी करते हैं तो वह वैध मानी जाती है। इसलिए यह मामला मुख्य रूप से सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है, कानूनी विवाद का नहीं।फिलहाल हकीम बाबर और उनकी पत्नी की शादी को लेकर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं। कुछ लोग इसे “सच्चा प्यार” बता रहे हैं, तो कुछ इसे “चौंकाने वाला फैसला” कह रहे हैं। लेकिन यह साफ है कि इस निकाह ने उम्र के बड़े अंतर वाले रिश्तों पर फिर से चर्चा छेड़ दी है। आज के दौर में जहां रिश्तों को लेकर समाज की सोच तेजी से बदल रही है, वहीं ऐसे उदाहरण लोगों को सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या रिश्तों में उम्र सबसे बड़ा पैमाना है, या फिर आपसी समझ और सहमति ज्यादा महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि रावलपिंडी की यह शादी सिर्फ एक निजी फैसला नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर एक बड़े सामाजिक विमर्श का विषय बन गई है।