मायावती के नेतृत्व वाली BSP के उत्तर प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ स्थित आवास पर बुधवार सुबह आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। सुबह-सुबह आईटी विभाग की तीन टीमें उनके घर पहुंचीं और करीब 50 अधिकारियों ने परिसर को घेरकर जांच शुरू कर दी। छापेमारी के दौरान घर के भीतर और बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई तथा किसी को भी अंदर-बाहर आने की अनुमति नहीं दी गई। यहां तक कि डॉक्टर और नर्स के आने-जाने पर भी अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई, जिससे इलाके में हलचल मच गई।
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की टीम आवास के अंदर मौजूद महत्वपूर्ण फाइलों, दस्तावेजों, कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों का मुख्य फोकस वित्तीय लेन-देन, निवेश और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड पर है। टीम बैंक लेन-देन और अन्य आर्थिक गतिविधियों से संबंधित कागजातों का मिलान भी कर रही है। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर आयकर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।उमाशंकर सिंह गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्हें कैंसर है और उनके अब तक दो ऑपरेशन हो चुके हैं। स्वास्थ्य कारणों से वह लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अपने आवास पर आइसोलेशन में रह रहे हैं। छापेमारी के समय भी वह घर पर ही मौजूद थे। उनके समर्थकों का कहना है कि स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए प्रशासन को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए।
उमाशंकर सिंह बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह लगातार तीन बार इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं। पहली बार उन्होंने वर्ष 2012 में बीएसपी के टिकट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी। उत्तर प्रदेश विधानसभा में वह बीएसपी के एकमात्र विधायक हैं, जिससे उनका राजनीतिक महत्व और भी बढ़ जाता है।दूसरी ओर, आयकर विभाग की एक और बड़ी टीम ने सोनभद्र जिले में भी छापेमारी की कार्रवाई की। करीब 25 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंची टीम ने खनन कारोबार से जुड़े लगभग आधा दर्जन व्यापारियों के घरों और प्रतिष्ठानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में 60 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इस छापेमारी से व्यापारिक समुदाय में हड़कंप मच गया।
सोनभद्र में जिन कारोबारियों के यहां जांच की जा रही है, वे खनन और उससे जुड़े व्यवसायों से संबंध रखते हैं। आयकर विभाग की टीम उनके आय स्रोत, कर भुगतान और संपत्ति के ब्योरे की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों को जब्त करने और डिजिटल डेटा की जांच की भी सूचना है। दोनों जिलों में चल रही इन कार्रवाइयों को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, आयकर विभाग की ओर से आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, जांच जारी है और संबंधित पक्षों की गतिविधियों पर विभाग की नजर बनी हुई है।