Ruckus at Bharat Mandapam AI Summit: शर्टलेस प्रदर्शन पर सियासी संग्राम

Authored By: News Corridors Desk | 22 Feb 2026, 01:53 PM
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नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर देश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देश-विदेश से कई प्रमुख मेहमान, प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए थे। कार्यक्रम का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभाव, संभावनाओं और भविष्य की दिशा पर चर्चा करना था। लेकिन इसी दौरान युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल में प्रवेश कर शर्टलेस होकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपने तरीके से विरोध जताया। इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में कांग्रेस की आलोचना शुरू हो गई। सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं और मंत्रियों ने इसे देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य बताया। उनका कहना है कि जब कोई कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो और उसमें विदेशी प्रतिनिधि मौजूद हों, तब इस तरह का आचरण भारत की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

चौंकाने वाली बात यह रही कि केवल बीजेपी ही नहीं, बल्कि विपक्षी दलों के कुछ प्रमुख नेताओं ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्पष्ट कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय आयोजन में कपड़े उतारकर विरोध करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार पर झूठ बोलने या धोखा देने के आरोप हों, लेकिन इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि को प्रभावित करता है। उनके अनुसार, राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, परंतु विदेशी मेहमानों के सामने ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए जिससे देश का अपमान महसूस हो।

इसी तरह बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि जब कोई सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में हो और उसमें देश-विदेश के गणमान्य लोग शामिल हों, तब इस प्रकार का अर्धनग्न प्रदर्शन अत्यंत अशोभनीय और निंदनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं से भारत की गरिमा और छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए राजनीतिक दलों को संयम बरतना चाहिए।

इस पूरे विवाद के दौरान अखिलेश यादव ने एक अन्य मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के बड़े-बड़े नेता और प्रतिनिधि मौजूद हों, तब सरकार को भी सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने रोबोटिक डॉग और तकनीकी प्रदर्शनों को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार को “चीन का नकली रोबोट” दिखाने की बजाय स्वदेशी तकनीक पर जोर देना चाहिए था। उन्होंने एक कार्टून का उल्लेख भी किया जिसमें रोबोट ‘मेक इन इंडिया’ के शेर को दौड़ाता दिखाया गया था।हालांकि समाजवादी पार्टी विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस के साथ है, फिर भी इस मुद्दे पर उसने खुलकर असहमति जताई। इससे यह संकेत मिलता है कि राजनीतिक दल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आचरण के मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं।

कुल मिलाकर, एआई इंपैक्ट समिट में हुआ यह विरोध प्रदर्शन राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। एक ओर कांग्रेस समर्थक इसे सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक विरोध बता सकते हैं, वहीं दूसरी ओर कई दलों का मानना है कि विरोध का तरीका ऐसा होना चाहिए जो देश की प्रतिष्ठा को आंच न पहुंचाए। इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजनीतिक असहमति व्यक्त करने की मर्यादा और सीमाएं क्या होनी चाहिए।