पुराने चेक बाउंस मामले में फंसे राजपाल यादव
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों एक पुराने चेक बाउंस मामले को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें इस मामले में अंतरिम जमानत दे दी है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। यह विवाद कारोबारी माधव गोपाल अग्रवाल के साथ हुए पैसों के लेनदेन से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि फिल्म बनाने के लिए राजपाल यादव ने उनसे करोड़ों रुपये का कर्ज लिया था। बाद में पैसे वापसी और चेक बाउंस को लेकर मामला कोर्ट तक पहुंच गया। अब इस केस में एक नया पहलू सामने आया है, जिससे यह विवाद फिर चर्चा में आ गया है।
म्यूजिक लॉन्च इवेंट से शुरू हुआ विवाद
राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत साल 2012 में फिल्म ‘अता पता लापता’ के म्यूजिक लॉन्च इवेंट से हुई थी। वकील ने बताया कि इस कार्यक्रम में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को आमंत्रित किया गया था। शिकायतकर्ता भी उनके साथ मंच साझा करना चाहता था, लेकिन राजपाल की टीम ने इसे मना कर दिया। उनका कहना था कि अमिताभ बच्चन बिना किसी लाभ के कार्यक्रम में आ रहे थे, इसलिए मंच पर किसी और को जोड़ना ठीक नहीं था। इसी बात से नाराज होकर शिकायतकर्ता ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की और फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की।
5 करोड़ के लोन से बढ़ा मामला
वकील के अनुसार, माधव गोपाल अग्रवाल ने फिल्म के लिए करीब 5 करोड़ रुपये का लोन दिया था। दोनों पक्षों के बीच कई समझौते (एग्रीमेंट) हुए। बाद में राजपाल यादव ने पांच चेक जारी किए। लेकिन समय के साथ विवाद बढ़ता गया। साल 2016 में कोर्ट ने कुल 10.40 करोड़ रुपये की देनदारी तय की। इस दौरान राजपाल यादव की तरफ से लगभग 1.90 करोड़ रुपये भी चुकाए गए। फिर भी मामला सुलझ नहीं पाया और कानूनी लड़ाई जारी रही।
पुराने एग्रीमेंट और नई कानूनी लड़ाई
राजपाल यादव के वकील का दावा है कि बाद में शिकायतकर्ता ने पुराने एग्रीमेंट के आधार पर चेक का इस्तेमाल किया, जबकि नया समझौता पुराने समझौते को खत्म कर चुका था। इसी आधार पर 2018 में अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और 11.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही उन्हें तीन महीने की सजा भी सुनाई गई। हालांकि, उनकी कानूनी टीम ने इस फैसले को चुनौती दी है और पूरे मामले की दोबारा सुनवाई की मांग की है। फिलहाल उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई है, लेकिन यह मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और आगे की सुनवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।