प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के दौरे पर इजरायल में हैं। यह तेल अवीव की उनकी दूसरी यात्रा है, पहली 2017 में हुई थी। दौरे के दूसरे दिन, प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करने और कई अहम समझौतों की जानकारी साझा की।
फ्री ट्रेड डील पर तेजी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल जल्द ही आपसी लाभ वाली फ्री ट्रेड डील (FTA) को अंतिम रूप देंगे। उनका कहना था कि यह समझौता दोनों देशों के व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा। इसके लागू होने से कृषि, तकनीक, रक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत होगा।
डिजिटल भुगतान और UPI कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत और इजरायल ने अपने डिजिटल पेमेंट सिस्टम को जोड़ने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत का UPI सिस्टम अब इजरायल के भुगतान नेटवर्क से लिंक होगा। इससे दोनों देशों के नागरिक, व्यापारी और पर्यटक आसानी से लेन-देन कर पाएंगे। यह कदम दोनों देशों के बीच फाइनेंशियल कनेक्टिविटी को और बढ़ाएगा।
गाजा पर भारत का रुख
गाजा की स्थिति पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सोच स्पष्ट है—मानवता कभी भी संघर्ष और हिंसा का शिकार नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ‘गाजा पीस प्लान’ का समर्थन किया और कहा कि शांति और स्थिरता के लिए संवाद सबसे प्रभावी माध्यम है। भारत भविष्य में भी सभी देशों के साथ बातचीत और सहयोग जारी रखेगा।
आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर कहा कि दुनिया में आतंकवाद का कोई स्थान नहीं है। किसी भी रूप में आतंकवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि भारत और इजरायल हमेशा आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ साथ खड़े रहे हैं और आगे भी खड़े रहेंगे।
नई टेक्नोलॉजी साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप स्थापित करने की घोषणा की। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी। यह साझेदारी दोनों देशों में अनुसंधान, नवाचार और निवेश को बढ़ावा देगी।
‘स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल के संबंध गहरे विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित हैं। इन रिश्तों ने समय की हर कसौटी पर खुद को साबित किया है। इसी विश्वास के आधार पर अब इस साझेदारी को ‘स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया गया है। यह कदम दोनों देशों की दूरदर्शिता और भविष्य की योजनाओं का प्रतीक है।
इस दौरे से न केवल आर्थिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत की मध्यपूर्व में कूटनीतिक भूमिका भी मजबूत होगी। रक्षा, टेक्नोलॉजी, व्यापार और आतंकवाद विरोधी सहयोग के क्षेत्र में यह यात्रा एक नया अध्याय जोड़ रही है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा भारत-इजरायल संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाने वाला है, जिसमें व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और शांति—चारों मोर्चों पर ठोस और स्पष्ट कदम उठाए गए हैं।