मेक्सिको में एक बड़े ड्रग लॉर्ड, एल मैचों को सुरक्षा बलों ने एनकाउंटर में मार गिराया, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया। यह माफिया सिर्फ ड्रग्स ही नहीं, बल्कि अवैध खनन, जबरन वसूली, तेल चोरी और मानव तस्करी जैसे अपराधों में भी शामिल था। उसकी मौत के बाद उसके समर्थकों ने सड़कों पर आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे कई शहरों में गृह युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई।
एल मैनचो, जिसे आम बोलचाल में ड्रग माफिया का बड़ा सरगना माना जाता था, सीजीएनजी कार्टेल का संस्थापक और प्रमुख था। पहले वह खुद पुलिसकर्मी था, लेकिन उसने कानून का रास्ता छोड़कर अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उसने अपना ड्रग रैकेट शुरू किया और धीरे-धीरे मेक्सिको के सबसे खतरनाक माफिया में शामिल हो गया। एल मैनचो की क्रूरता के कारण उसे विरोधियों और गैंग के लोगों में भय फैल गया था। विरोधी गैंग के लोगों को मारकर उनकी लाशें सार्वजनिक जगहों पर लटका देना उसके लिए आम बात थी।
उसकी मौत के बाद मेक्सिको के कई शहर जल उठे। गुड्रा, लाजारा और पुएटो वेल लाट्रा जैसे शहरों में लोग सड़कों पर आग लगा रहे थे, वाहन जल रहे थे, हाईवे ब्लॉक हो गए और स्कूल‑कॉलेज बंद कर दिए गए। राष्ट्रपति शाइन बाम ने शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन हिंसा फैलती रही। कई सुरक्षा बलों की मौत भी हुई।
एल मैनचो का कारोबार बेहद बड़ा था। अमेरिकी जांच एजेंसियों के अनुसार, सीजीएनजी कार्टेल सालाना अरबों डॉलर का व्यापार करता था। यह कार्टेल अमेरिका में सप्लाई होने वाली फेंटानिल का सबसे बड़ा स्रोत था। अमेरिका में पकड़े जाने वाले फेंटानिल का लगभग 96% मेक्सिको से आता है। इसके अलावा यह गैंग अवैध खनन, तेल चोरी, जबरन वसूली और मानव तस्करी जैसे अपराधों से भी भारी लाभ कमाता था।
इस ऑपरेशन में अमेरिका की भूमिका खुफिया जानकारी प्रदान करने तक सीमित थी। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और पेंटागन की जॉइंट टास्क फोर्स ने मेक्सिको सरकार के साथ इंटेलिजेंस शेयर की। इसके बाद मेक्सिको की सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन किया। एल मैनचो की लोकेशन उसकी गर्लफ्रेंड और सहयोगियों की मदद से ट्रैक की गई। वह पहाड़ी इलाके के एक कंपाउंड में पाया गया और सुरक्षा बलों ने वहां घेराबंदी कर एनकाउंटर किया। उसे अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
एल मैनचो की मौत के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि उसके बाद कार्टेल का नेतृत्व कौन संभालेगा। सीजीएनजी कार्टेल के खाली स्थान को भरने के लिए प्रतिद्वंदी सीनालाओ कार्टेल की चुनौती हो सकती है। इससे मेक्सिको में नई हिंसा और सुरक्षा संकट की संभावना है।
भारत ने भी अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मेक्सिको में भारतीय दूतावास ने कहा है कि जहां भी उपद्रव और हिंसा है, वहां जाने से बचें और स्थानीय मीडिया से अपडेट लेते रहें। नागरिकों को सुरक्षित जगह पर रहने और इमरजेंसी नंबरों से संपर्क करने की चेतावनी दी गई है।
एल मैनचो की मौत और इसके बाद उपद्रव ने यह दिखा दिया है कि माफिया संगठनों के खिलाफ कार्रवाई हमेशा आसान नहीं होती। इतनी बड़ी मौत के बाद भी हिंसा और अस्थिरता फैल सकती है। सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बनी रहेगी कि इस अस्थिर स्थिति को नियंत्रित किया जाए और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।