असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे को लेकर बड़ा बयान दिया है। ओवैसी ने कहा कि मोदी के दौरे के तुरंत बाद ईरान पर हमला हो सकता है और उन्होंने पीएम पर फिलिस्तीन और भारत के ऐतिहासिक रुख के प्रति विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि ऐसे समय में जब मध्य एशिया और मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है, पीएम का इजरायल दौरा गंभीर चिंताओं को जन्म देता है।
जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी इस समय इजरायल दौरे पर हैं और इस दौरे के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच तीसरे राउंड की बातचीत जेनेवा में होनी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ टकराव को डिप्लोमेसी के जरिए सुलझाना पसंद करेंगे, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका कभी भी ईरान को न्यूक्लियर हथियार रखने की इजाजत नहीं देगा। ट्रंप ने ईरान को 5 मार्च तक का अल्टीमेटम भी दिया है।इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लगातार ईरान को धमकाते रहे हैं और उनका रुख भी तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है। ऐसे में ओवैसी ने चेताया कि मोदी के इजरायल दौरे के बाद अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर कोई सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी ने फिलिस्तीन के प्रति भारत की लंबे समय से चली आ रही नीति और समर्थन के साथ विश्वासघात किया है।
ओवैसी का बयान उस समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव तेज है। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी पारंपरिक नीति और अंतरराष्ट्रीय नैतिकता का पालन करते हुए फिलिस्तीन और अन्य देशों के प्रति संतुलित रुख अपनाना चाहिए। उनके अनुसार, भारत की विदेश नीति में किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर सावधानी और रणनीति की जरूरत है।विश्लेषकों का कहना है कि मोदी का दौरा और उसके समय पर ईरान‑अमेरिका बातचीत का तालमेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी संवेदनशील है। अगर तनाव बढ़ता है, तो इसके गंभीर राजनीतिक और आर्थिक नतीजे हो सकते हैं। ओवैसी ने इस पूरे मामले में भारत सरकार को जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की आशंका से निपटने के लिए उचित कदम उठाने की सलाह दी है।
ओवैसी का बयान न केवल प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे पर केंद्रित है, बल्कि यह वैश्विक राजनीति और भारत की रणनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठाता है। उन्होंने चेताया कि अगर वैश्विक तनाव और सैन्य कार्रवाई होती है, तो इसके परिणाम केवल क्षेत्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देखने को मिल सकते हैं।