लखनऊ। गोमती नदी के संरक्षण और उसके आसपास जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यरत सामाजिक पहल “गोमती दर्शन” ने लखनऊ पश्चिम क्षेत्र में संगठन को और प्रभावी बनाने के लिए जिला संयोजन की नियुक्ति की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गोमती नदी के प्रदूषण को रोकना, उसकी सफाई सुनिश्चित करना और आम जनता में नदी संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के उपाध्यक्ष एडवोकेट अनुराग पांडे ने संगठन की महत्वाकांक्षी योजनाओं और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गोमती संरक्षण केवल प्रशासनिक प्रयासों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए जिला संयोजक के नेतृत्व में क्षेत्र में स्वच्छता और जागरूकता अभियानों को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम में अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें अधिवक्ता नेता ललित मिश्रा, एडवोकेट देव दीक्षित, एडवोकेट पवन त्रिपाठी, एडवोकेट कुलदीप पांडे, एडवोकेट शुभम पांडे, एडवोकेट हरिओम दीक्षित (केन्द्रीय कार्यकारी सदस्य), श्री राहुल मिश्रा और सीताराम परिवार के संस्थापक संयोजक श्री शनि साहू शामिल थे। उपस्थितजनों ने इस पहल की सराहना की और गोमती संरक्षण तथा स्वच्छता अभियानों में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि गोमती नदी उत्तर प्रदेश की जीवनदायिनी धारा है। इसके संरक्षण के लिए केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग का सहयोग और जागरूक भागीदारी जरूरी है। इस दिशा में “गोमती दर्शन” का उद्देश्य नदी को स्वच्छ और जीवनदायिनी बनाए रखना तथा नागरिकों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है।
इस संबंध में जानकारी गोमती दर्शन की अध्यक्ष श्वेता सिंह द्वारा दी गई।