JNU Protest: JNU में छात्रों का प्रदर्शन, 50 से अधिक हिरासत में

Authored By: News Corridors Desk | 27 Feb 2026, 01:31 PM
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राजधानी दिल्ली में स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। छात्रसंघ ने कैंपस से शिक्षा मंत्रालय तक लंबा मार्च निकालने का ऐलान किया था। उनकी मांग थी कि रोहित वेमुला एक्ट लागू किया जाए और यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ विरोध दर्ज किया जाए।मार्च की घोषणा के बाद कैंपस में भारी संख्या में पुलिस, आरएएफ और सीआरपीएफ को तैनात किया गया। जब छात्र आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की और झड़प की खबरें सामने आईं। करीब 50 से ज्यादा छात्रों को हिरासत में लिया गया। कुछ छात्रों के घायल होने की भी जानकारी मिली है।

26 फरवरी की रात विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बयान जारी किया। प्रशासन ने कहा कि जिन यूजीसी नियमों को लेकर छात्र विरोध कर रहे हैं, वे अभी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण लागू नहीं हैं। इसलिए कुलपति या रजिस्ट्रार के पास उन्हें लागू करने या बदलने का अधिकार नहीं है। प्रशासन का कहना है कि कुछ छात्रों को पहले ही कैंपस में तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में जांच के बाद निष्कासित किया गया था। छात्रसंघ इस मुद्दे पर सहयोग नहीं कर रहा है। प्रशासन ने यह भी कहा कि जेएनयू एक सरकारी विश्वविद्यालय है और उसे नियमों का पालन करना ही होगा। बयान में यह भी कहा गया कि महिला ओबीसी कुलपति पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं और असली मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।

पूरा मामला क्या है?

छात्रों का कहना है कि कुलपति ने जाति से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके अलावा वे विश्वविद्यालय के बजट में कटौती, छात्र नेताओं के निष्कासन और रोहित वेमुला एक्ट को लागू करने की मांग कर रहे हैं। छात्रसंघ का आरोप है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग किया। छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति, सचिव गोपिका, महासचिव दानिश और एआईएसए की अध्यक्ष नेहा सहित कई छात्रों को करीब 15 घंटे तक हिरासत में रखा गया। 14 छात्रों को गिरफ्तार भी किया गया है। फिलहाल कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात है और माहौल अभी भी गरम है। छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जबकि प्रशासन नियम और कानून की बात कर रहा है।