काशी, जिसे धर्म और शिक्षा की नगरी कहा जाता है, वहीं एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। उदय प्रताप कॉलेज (Udai Pratap College) के कैंपस में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी ने एक छात्र की जान ले ली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
मृतक छात्र सूर्य प्रताप सिंह (20), गाजीपुर जिले के दुबईथा गांव का रहने वाला था और बीएससी द्वितीय वर्ष (B.Sc 2nd Year) का छात्र था। उसका परिवार वाराणसी में ही रहता था। पिता स्कूल में ड्राइवर हैं और मां वहीं वार्डन रह चुकी हैं। सामान्य परिवार से आने वाला सूर्य अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। कुछ दिन पहले ही वह होली मनाकर गांव से लौटा था।
घटना शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे की है। कॉलेज में परीक्षा और असाइनमेंट चल रहे थे। बताया जा रहा है कि सूर्य और आरोपी मंजीत चौहान के बीच पहले से विवाद था। प्रिंसिपल ने दोनों को बुलाकर समझाया भी, लेकिन बाहर निकलते ही मामला बिगड़ गया। आरोप है कि मंजीत ने अपने साथी के साथ मिलकर सूर्य को घेर लिया और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। चार गोलियां लगने के बाद सूर्य जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद कॉलेज में भारी हंगामा हो गया। गुस्साए छात्रों ने तोड़फोड़ की, आरोपी की बाइक तोड़ दी और बाजार बंद करा दिया। पथराव में कुछ शिक्षक भी घायल हुए। छात्र आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे थे।
मौके पर पुलिस पहुंची और हालात को काबू में किया। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके साथी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि यह आपसी रंजिश का मामला है।
लेकिन बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है. जब दोनों के बीच विवाद पहले से था, तो कॉलेज ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए?
यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी चूक है. जहां एक परिवार ने अपना इकलौता बेटा खो दिया और एक कॉलेज अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा।